समर्थन मूल्य पर खरीदे प्याज की खरीदी प्रक्रिया कई दिनों पूर्व बंद हो जाने के बाद भी मंडी में खुले में रखे प्याज को लेकर जवाबदार लापरवाही बरत रहे हैं।
मो. बड़ोदिया में 10 रुपए प्रति किलो से अधिक में सरकार से क्रय किए जाने के बाद भी विपणन संघ व नॉन अधिकारी व प्रशासनिक अधिकारी शुजालपुर में रखा लगभग 25 हजार क्विंटल प्याज 353 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से हुई नीलामी की डिलेवरी देने को आतुर नजर आ रहे हैं। मंडी में जो प्याज अभी रखा हुआ है उसकी यदि नीलामी की जाए तो लाखों रुपए का फायदा शासन व विभाग को हो सकता है, लेकिन अधिकारियों का रुझान इस ओर होता नजर नहीं आ रहा। अनाज मंडी परिसर में प्याज छंटाई कर अच्छी प्याज ट्रकों में लादने का क्रम शनिवार को भी जारी रहा। हालांकि ट्रकों को परिसर से बाहर ले जाने पर रोक लगा दी गई।
कलेक्टर के निर्देश के बाद शनिवार को मामले का निराकरण करना था कि बोली में आई दर 475 एवं 353 में से माल किसे देना है, लेकिन निराकरण शनिवार को भी नहीं हुआ। जिले से कोई भी जवाबदार शुजालपुर नहीं पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक विपणन संघ अधिकारी ने बोली लगाने वाले दोनों व्यापारियों को शाजापुर में बुलवाकर लगभग आधा-आधा प्याज उठाने के लिए संकेत दिए। हालांकि अधिकारियों के निर्णय से शासन को लाखों रुपए की चपत लग जाएगी। मंडी में जब समर्थन मूल्य खरीदी बंद हुई थी उस दौरान मार्केटिंग सोसायटी शुजालपुर ने 25 हजार 300 क्विंटल प्याज का भंडारण किया था और उतनी ही मात्रा के प्याज की नीलामी भी हुई थी। कलेक्टर ने भी नीलामी में प्याज खरीदने वाली फर्म सरफराज ट्रेडर्स को 475 रुपए की बोली अनुसार लगभग 65 लाख रुपए की राशि जमा करने का सूचना पत्र जारी किया था। इसी वजह से प्याज की छंटाई कर खराब प्याज अलग करवाई जा रही है। 24 जुलाई को मप्र स्टेट सिविल सप्लाई कारर्पोरेशन जिला शाजापुर द्वारा जारी पत्र अनुसार शुजालपुर मंडी में भंडारित 25 हजार क्विंटल प्याज की नीलामी 1 करोड़ 18 लाख 75 हजार रुपए में किए जाना अंकित करते हुए शेष राशि जमा करने का सूचना पत्र जारी किया था।
कलेक्टर के निर्देश के बाद निराकरण के लिए विपणन संघ अधिकारी को शुजालपुर पहुंचना है। दोनों फर्मों को निर्धारित मात्रा में प्याज दी जा सकती है। हालांकि विपणन संघ अधिकारी मौके पर पहुंचकर इसका निराकरण करेंगे।
हेमंत तेलगांवकर, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम शाजापुर