शाजापुर

पीछा नहीं छोड़ रहा भावांतर का भूत

मुख्यमंत्री भावांतर योजना तहत लहसुन व प्याज की खरीदी बिक्री में जो फर्जीवाड़ा हुआ है, यदि जवाबदार सजग होते तो यह नहीं होता।
2 min read
Jun 20, 2018
patrika
मुख्यमंत्री भावांतर योजना तहत लहसुन व प्याज की खरीदी बिक्री में जो फर्जीवाड़ा हुआ है, यदि जवाबदार सजग होते तो यह नहीं होता।

शुजालपुर. मुख्यमंत्री भावांतर योजना तहत लहसुन व प्याज की खरीदी बिक्री में जो फर्जीवाड़ा हुआ है, यदि जवाबदार सजग होते तो यह नहीं होता। यह खुलासा अब तक की पड़ताल में सामने आया। 12 अप्रैल से शुरू हुई लहसुन तथा 12 मई से शुरू हुई प्याज की भावांतर खरीदी तहत जिले में जो केंद्र बनाए गए थे। इनमें पंजीकृत किसानों द्वारा लाई जा रही उपज की मॉनीटरिंग के लिए जिला प्रशासन ने कृषि व उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई थी, लेकिन इन्होंने इस प्रक्रिया के दौरान मंडी में आना उचित नहीं समझा और कुछ किसानों को प्रलोभन देकर व्यापारियों ने मंडी कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर जाली दस्तावेज तैयार किए और फर्जीवाड़ा किया। हालांकि मंडी प्रशासन की सजगता से यह फर्जीवाड़ा सामने आ गया। मामले में सोमवार की रात मंडी के 10 कर्मचारियों सहित 30 व्यापारिक फर्म के संचालकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया जा चुका है। मामले में मंगलवार को मंडी समिति कार्यालय पहुंचकर टीआइ शुजालपुर ने मंडी सचिव तथा अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। मंगलवार को किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। टीआई शुजालपुर दिनेश प्रजापति ने कहा इस मामले में और विस्तृत विवेचना की आवश्यकता है क्योंकि मामला दस्तावेजों पर है।
नहीं भेजी जानकारी
योजना तहत शुजालपुर सब्जी मंडी में जो लहसुन व प्याज की बिक्री किसानों ने की है उसमें गड़बड़ी की आशंका के चलते मप्र शासन के निर्धारित पोर्टल पर पंजीकृत किसानों द्वारा बेची गई उपज की जानकारी की प्रवृष्टिï नहीं की गई है। हालांकि खरीदी बिक्री के रिकॉर्ड को कम्प्यूटर पर जरूर दर्ज कर लिया गया।
मंडी में हुई गड़बड़ी के संबंध में मंगलवार को मंडी अध्यक्ष कैलाश सोनी ने मीडिया से चर्चा की। उन्होंने स्पष्टï किया कि योजना में फर्जीवाड़ा कुछ लोगों ने किया है लेकिन कोई घोटाले जैसी स्थिति नहीं हुई, क्योकि घोटाले के पहले ही गड़बड़ी को पकड़ लिया। अध्यक्ष ने बताया मंडी नियमन का पालन शुजालपुर की दोनों मंडियों में सख्ती से कराया जाता है। इसी का परिणाम है कि यह मामला पकड़ में आया। अध्यक्ष ने इस बात का भी खुलासा किया कि योजना में जो फर्जीवाड़ा हुआ है उसे किस तरह से पकड़ा गया।
योजना में 5 हेक्टेयर या उससे अधिक रकबे का पंजीयन कराने वाले किसानों की जानकारी का पुनर्सत्यापन कराने के आदेश मप्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड प्रबंध संचालक फैज एहमद किदवई ने पिछले दिनों दिए। साथ ही अत्याधिक खरीदी करने वाले व्यापारियों के स्कंध की जांच कराए जाने के निर्देश कलेक्टर को जारी किए गए हैं। जारी पत्र में प्रबंध संचालक ने लिखा कि जिले में लहसुन व प्याज की अप्रत्याक्षित आवक हो रही है, जिससे दोनों उपज की योजना में रिसाइकिल होने की आशंका पर अंकुश लगाने की दृष्टिï से पंजीकृत किसानों के आधार नंबर, बैंक खाते तीन या उससे अधिक स्थानों पर प्रदर्शित हो रहे हैं। पत्र में व्यापारी के स्टॉक व रिकॉर्ड की भी तत्काल जांच के निर्देश दिए।

Published on:
20 Jun 2018 07:00 am