1 सितंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Shujalpur News: ‘मेरे पास पांच मिनट रुक जाते तो …’, पिता-पुत्र की एकसाथ उठी अर्थी, पूरे गांव ने दी अंतिम विदाई

Father-Son Road Accident: शाजापुर में एक सड़क हादसे में पिता-पुत्र एक साथ छोड़ गए दुनिया। दूध की पिकअप ने बाइक को मारी टक्कर। पिकअप ड्राइवर मौके से फरार।
2 min read
Google source verification
father-son road accident bike pickup collision

Shujalpur Road Accident: सड़क हादसे में पिता-पुत्र एक साथ छोड़ गए दुनिया (फोटो सोर्स- Patrika Enhanced by Chatgpt)

Shujalpur Father-Son Road Accident: मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में शुजालपुर-आष्टा नेशनल हाईवे 752सी पर अरनिया कलां और तिलावद के बीच सोमवार दोपहर करीब 1 बजे सड़क हादसा हो गया। पेट्रोल पंप के समीप दूध की पिकअप ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार पिता-पुत्र का मौके पर ही निधन हो गया। वहीं, उनके साथ सवार एक अतिथि शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद पिकअप चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया।

बीमार पिता को अस्पताल लेकर निकले अमर सिंह मालवीय, रास्ते में हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार तिलावद निवासी अमर सिंह मालवीय एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय तिलावद में शिक्षक के पद पर पदस्थ थे। उनके पिता जगन्नाथ सिंह मालवीय की अचानक तबीयत खराब होने पर अमर सिंह उन्हें उपचार के लिए बाइक से शुजालपुर लेकर जा रहे थे। उनके साथ विद्यालय में अतिथि शिक्षक के रूप में पदस्थ विजेन्द्र सिंह ठाकुर निवासी गवांखेड़ा, जिला सीहोर भी बाइक पर सवार थे। बताया गया कि विजेन्द्र सिंह, अमर सिंह के पिता को संभालने के लिए उनके साथ बाइक पर बैठे थे। इसी दौरान अरनिया कलां की ओर से तिलावद की तरफ जा रही दूध की पिकअप ने बाइक को टक्कर मार दी। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से घायल को शुजालपुर अस्पताल पहुंचाया गया।

वाहन छोड़कर भागा चालक

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। दुर्घटना के बाद पिकअप चालक वाहन को घटनास्थल पर ही छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है। गमगीन माहौल में पिता-पुत्र का अंतिम संस्कार उन्हीं के गांव में किया गया।

क्षेत्र में शोक की लहर

अमर सिंह मालवीय मूल रूप से तिलावद निवासी थे और वर्तमान में शुजालपुर में निवास कर रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही तिलावद सहित आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और फरार पिकअप चालक की तलाश की जा रही है।

मेरे पास पांच मिनट रुक जाते तो ….

मंगलवार को पत्रिका से बातचीत में अमर सिंह मालवीय के छोटे भाई दयाराम मालवीय ने बताया कि उनके बड़े भाई और उनके पिता का इलाके में सम्मान था। अमर सिंह नसज्जन थे और छोटे बच्चों को भी 'आप' कहकर संबोधित किया करते थे। दयाराम ने बताया कि अमर सिंह को अपने गांव से गहरा लगाव था। गांव से उनके परिवार का जुड़ाव इतना आत्मीय था कि उनके अंतिम संस्कार में समूचा गांव दोनों पिता-पुत्र को नम आंखों से अंतिम विदाई देने आया था।

दयाराम ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले उनकी बड़े भाई अमर से फोन पर बातचीत की थी। दयाराम ने बताया कि फोन पर अमर के आखिरी शब्द थे, "अमर, मुझे 50 किलो गेहूं चाहिए।"अमर ने दयाराम से गेहूं लेने की बातचीत की और फोन रख दिया। छोटे भाई ने कहा कि अगर मेरे मोबाइल में बैलेंस होता या गेहूं लेने के लिए बड़े भैया पांच मिनट मेरे पास ही रुक जाते तो शायद हादसा न होता। दयाराम ने कहा कि अमर भैया और पिता ने परिवार का बोझ मुझ पर छोड़ दिया है। जब तक भाई थे, मुझ पर जिम्मेदारियों का बोझ नहीं था, लेकिन अब मैं अकेले कैसे संभालूंगा? दयाराम ने बताया कि बड़े भाई हमेशा कहते थे कि खुद टेंशन मत लो, दूसरे को टेंशन दो।