शाजापुर जिला अस्पताल के हाल सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। दिनोदिन मरीजों की परेशानी बढ़ती जा रही है। सिविल सर्जन की चिकित्सक सुनते नहीं और इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मामले में जिला प्रशासन ने भी कई बार इसमें हस्तक्षेप किया गया लेकिन, व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं आया। जिला अस्पताल में सोनोग्राफी के लिए आने वाली महिलाओंं की इमरजेंसी में भी सोनोग्राफी नहीं हो पा रही है। यही वजह है कि सोमवार को भी जब महिलाओं की सोनोग्राफी नहीं हुई तो महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया।
लंबे समय से नहीं मिल रही सुविधा
जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा को देखते हुए शासन द्वारा सोनोग्राफी मशीन की सुविधा मुहैया करवाई गई है। लेकिन इसके संचालन के इंतजाम लंबा समय बीतने के बाद भी जवाबदार व्यवस्था जुटाने में असमर्थ हैं। सोमवार को भी सुबह करीब 7 बजे से दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आई महिलाएं कतार लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रही थी। लेकिन कतार में बैठी महिलाओं के महिलाओं की सोनोग्राफी नहीं की गई।
हफ्तों से अस्पताल के काट रही चक्कर
महिलाओं ने बताया कि वह हफ्तों से जिला अस्पताल के चक्कर काट रहीं है, लेकिन सोनोग्राफी नहीं हो रही। जिला अस्पताल में मरीजों की सुनने वाला कोईनहीं है।चक्कर लगा-लगाकर परेशान महिलाओं का सब्र टूट गया और हंगामा करने लगी।
महीनों पहले से लगा नंबर, अब तक नहीं आया
जिला अस्पताल में सोनोग्राफी के लिए परेशान हो रही महिलाओं ने बताया कि वे अपने गांव से रोजाना सिर्फ सोनोग्राफी के लिए आती हैं, क्योंकि उनका यहां नंबर लगा हुआ है। महिलाओं ने अपने पर्चें भी दिखाए, जिस पर तारीख और उनका नंबर लिखा हुआ है। इसमें किसी का एक माह पहले का नंबर है तो किसी का 15 दिन पहले का तो कोई दो सप्ताह पहले से अपने नंबर के इंतजार में हर दिन पैसे खर्च कर यहां पहुंच रही हैं, लेकिन उनकी सोनोग्राफी नहीं की जा रही
सोनोग्राफी को लेकर महिलाओं की समस्या की जानकारी मिली है, सिविल सर्जन से चर्चा कर व्यवस्थाएं सुधारने के प्रयास किए जाएंगे। अस्पताल का निरीक्षण भी किया जाएगा।