मरनेगा में धांधली के खिलाफ शामली में पंचायत चल रही थी। अचानक पहुंची पुलिस ने ग्रामीणाें की पंचायत काे रुकवाया। इस पंचायत में गुस्साए लाेग लाठी डंडे लेकर पहुंचे थे।
शामली ( Shamli News in Hindi ) मनरेगा में धांधली का आराेप लगाते हुए ग्रामीणाें ने पंचायत बुला ली। लॉकडाउन के बीच गुस्साए ग्रामीणाें की पंचायत की सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत माैके पर पहुंचकर किसी तरह ग्रामीणाें काे शांत किया और पंचायत रुकवाई।
ग्रामीणाें काे बताया कि, इस्लामपुर घसौली में मनरेगा के तहत काम कराने के बाद मानदेय नहीं दिया जा रहा। आराेप लगाया कि, ग्राम प्रधान व सचिव ने ग्रामीणों से मनरेगा में कई दिन तक गांव में मजदूरी कराई और मजदूरी मांगने मजदूरी को नहीं दी। पिछले कई दिनों से मनरेगा मजदूर खंड विकास कांधला और ग्राम प्रधान के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
इसी काे लेकर सैकड़ों लोगों ने गांव के शिव मंदिर में पंचायत बुलाई थी। ग्राम प्रधान पर आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान ने मजदूरों को जॉब कार्ड वितरित किए गए थे उनमें ना तो क्रमांक संख्या है और ना ही ग्राम प्रधान व सचिव की मोहर है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान ने मजदूरों पर मजदूरी कराकर उनकी मजदूरी के रुपये में भी नहीं दिए जब उन्होंने इस बारे में ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव से शिकायत की तो ग्राम प्रधान के भाई ने उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए भगा दिया।
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर कार्रवाई की मांग करते हुए मजदूरी के रुपयों की मांग की है। पंचायत किए जाने की सूचना को लेकर गंगेरू पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और बगैर किसी सूचना के चल रही पंचायत को ग्रामीणों को फटकार लगाते हुए पंचायत बंद कराई। ग्रामीणों को उच्च अधिकारी से वार्ता कर उनकी समस्याओं का निस्तारण कराने का आश्वासन भी दिया।