खास बातें- पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हो गए थे शामली के अमित कुमार बिना अमित कुमार के पहली बार स्वतंत्रता दिवस व रक्षाबंधन मनाएंगे परिजन भाई ने कहा- घर में रक्षाबंधन की अभी कोई तैयारी नहीं है
शामली। पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ ( CRPF ) के जवान अमित कुमार के परिजन अनुच्छेद-370 हटाए जाने से काफी खुश हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 ( Article-370 ) हटाने पर शहीद के परिजनों ने कहा कि यह सरकार के द्वारा उठाया गया सराहनीय कदम है। यह सभी शहीद के चरणों में सच्ची श्रद्धांजलि है।
कहा- अब मानो पूरा देश आजाद हुआ है
दरअसल, शामली के मोहल्ला रेलपार निवासी अमित कुमार पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। इस बार उनका पूरा परिवार अमित की अनुपस्थिति में स्वतंत्रता दिवस व रक्षाबंधन मनाएगा। जब पत्रिका टीम ने शहीद के पिता सोहनपाल से बात की तो उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाकर बढ़िया काम किया है। इसके बाद देश में एक ही झंडा व एक भारत रहेगा। अब मानो कि आज पूरा भारत आजाद हुआ है। कश्मीर की हालात ज्यादा खराब थे। अब वहां के हालात भी बेहतर हैं।
...तो नहीं होता आतंकी हमला
उन्होंने कहा कि यदि अनुच्छेद-370 पहले हट गई होती तो पुलवामा में आतंकी हमला ना होता। ऐसा होने पर देश के जवानों को शहादत भी नहीं देनी पड़ती। साथ ही उन्होंने कहा कि जो नेता अनुच्छेद-370 हटाए जाने का विरोध कर रहे हैं, वे देश के गद्दार हैं। उन गद्दारों को जनता ही संदेश देगी।
भाई बोले- 370 पहले हट गई होती तो शहादत नहीं होती
वहीं, शहीद के भाई सुनील कुमार ने बताया कि यह परिवार का पहला ऐसा स्वतंत्रता दिवस है, जिसमें उनका भाई अमित उनके साथ नहीं है। आप जानते हैं कि शहीदों के घर में माहौल कैसा होता है। उन्होंने बताया कि अगर 370 पहले हट गई होती तो उनके भाई की शहादत नहीं होती। जो अनुच्छेद-370 हटाने का विरोध कर रहे हैं, वे लोग गद्दार हैं। उनको पाकिस्तान चले जाना चाहिए। साथ ही साथ उन्होंने बताया कि इस बार उनके घर में रक्षाबंधन की कोई तैयारी नहीं है।