
शामली। पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए शामली के अमित कुमार की शहादत की खबर जैसे ही उनके परिजनों को मिली तो घर में कोहराम मच गया। छह भाई-बहनाें में सबसे छोटा होने के कारण अमित मां की लाडला भी था। उसकी शहादत की खबर सुनने के बाद मां बस इतना ही कहती रहती, कहां चला गया अमित। उसकी आंखों के आंसू रुक नहीं रहे थे और परिजन बार-बार उन्हें पानी पिलाकर सांत्वना दे रहे थे। वहीं, शहीद के घर पर पहुंचे एसपी को देखकर शहीद के भाई और पिता उनके गले मिले और रोने लगे। इस पर एसपी ने भी उन्हें सांत्वना दी।
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दो जवान हुए हैं शहीद
जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले में शामली के दो जवान शहीद हो गए हैं। एक ही जिले के दो लाल शहीद होने से हर आम-ओ-खास की आंखें नम हैं। एक जवान प्रदीप कुमार कस्बा बनत का रहने वाला था, जबकि दूसरा शामली की रेलपार कॉलोनी का निवासी था। शहादत की खबर सुनते ही उनके घरों पर ग्रामीणों और अधिकारियों की भीड़ लग गई। हर कोई शहीदों की शहादत को सलाम कर रहा था।
2017 में हुए थे भर्ती
शहीद अमित कुमार अभी 2017 में रामपुर से सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। अमित के अलावा परिवार में पांच सदस्य और भी हैं। अमित की उम्र मात्र 22 साल बताई जा रही है। अमित कुमार भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनकी शहादत की खब सुनकर मां के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।
मथुरा में भर्ती हुए थे प्रदीप
वहीं, दूसरे शहीद का नाम प्रदीप कुमार है। वह बनत कस्बे के रहने वाले थे। प्रदीप 2003 में सीआरपीएफ में मथुरा से भर्ती हुए थे और सीआरपीएफ की 21वीं बटालियन में तैनात थे। प्रदीप के बड़े भाई भी सेना से रिटायर हुए हैं। प्रदीप की शादी सन् 2002 में हुई थी और उनके दो बेटे भी हैं। बड़े लड़के का नाम सिद्धार्थ व छोटे बेटे का नाम विजयंत है। दोनों कक्षा 9 व 11 के छात्र हैं। शहीदों की शहादत से परिवार के लोगों मे गम और गर्व दोनों हैं। उनके परजिन शहीद हुए जवानों की मौत का बदला चाहते हैं।
रात या कल सुबह तक आएंगे पार्थिव शरीर
डीएम अखिलेश सिंह का कहना है कि आज रात या कल सुबह तक शहीदों के पार्थिव शरीर घर पहुंचेंगे। शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने के लिए वह और एसपी अजय कुमार उनके घर पर आए हैं। जो भी मदद होगी, वह नियमानुसार दी जाएगी।