
शामली। पुलवामा आतंकी अटैक में शहीद शामली के दो जवानों के परिवारों को सांत्वना देने के लिए रालोद नेता जयंत चौधरी पहुंचे। इस दौरान जयन्त चौधरी ने आतंकी हमले को केंद्र सरकार की चूक करार दिया और सरकार को घेरा। जयंत चौधरी के साथ सांसद तब्बसुम हसन ने भी शहीद परिवारों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। दोनों ही नेताओं ने शहीदों के परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का आश्वासन दिया।
दरअसल रालोद के नेता जयंत चौधरी शामली पहुंचे और जम्मू कश्मीर के पुलवामा आतंकी अटैक में शहीद हुए जवानों के परिवारों से मिले। उनके साथ सांसद तब्बसुम हसन ने भी शहीद परिवारों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। दोनों ही नेताओं ने शहीदों के परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का आश्वासन दिया। जयंत चौधरी ने कहा कि वें बदले की भावना लेकर शहीद के परिवारों से मिलने नही आए हैं। जिस घर का एक लाल देश के लिए कुर्बान हो जाता है। उस घर का मुखिया और परिवार के लोग यदि फिर सरहद पर जाने की बात कहें , तो इससे बड़ी देशभक्ति ओर क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि हर जीवन का मोल होता है, लेकिन कब तक हमारे जवान ऐसे मरते रहेंगे। केंद्र सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को आतंरिक सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। इंटेलिजेंस पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि सात जनवरी को बीएसएफ और सीआरपीएफ ने केंद्र सरकार से मांग की थी कि दो महीने के लिए एम-17 हैलीकॉप्टर वहां स्थापित कर दिया जाए, ताकि सेना के मूवमेंट हवा से हो सके, क्योंकि खराब मौसम के चलते सड़कों से चलना सुरक्षित नही था। जयंत ने कहा कि फोर्स की डिमांड के बावजूद भी सरकार ने इससे इंकार कर दिया। सरकार के इंकार के पीछे क्या कारण रहे होंगे, इसकी भी जांच होनी चाहिए।