शामली

भीषण सड़क दुर्घटना में भाजपा के वरिष्ठ नेता की मौत, देखें मौत का लाइव वीडियो-

सहारनपुर के गंगोह थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना के दौरान हुई भाजपा के वरिष्ठ नेता की मौत से क्षेत्र में शोक की लहर
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Updated: 7 Jan 2019, 2:05 PM IST
bjp leader died in road acccident
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शामली. सहारनपुर के गंगोह थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना के दौरान हुई भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सैनी की मौत से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। बता दें कि सड़क पार करने के दौरान एक तेज रफ्तार बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गर्इ। बजरंग दल के सक्रिय पदाधिकारी रहे नरेंद्र सैनी विश्व हिंदू परिषद व भाजपा में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।

दुर्घटना की वीडियो पास ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमे नरेंद्र सैनी सड़क के दूसरे किनारे से 12.30 बजे दूसरी तरफ खड़ी कार के पास जा रहे थे। इसी बीच सामने से तेज रफ्तार से आ रही बस को देखकर नरेंद्र सैनी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन बस ने नरेंद्र सैनी को अपनी चपेट में ले लिया आैर कुछ सेकंड में नरेंद्र सैनी को मौत ने अपने आगोश में ले लिया। बता दें कि नरेंद्र सैनी के परिवार में दो बेटी व एक बेटा है, जिनमें से एक बेटी की शादी हो चुकी है। उनके आकस्मिक निधन के बाद परिवार में कमाई का कोई साधन भी नहीं है, क्योंकि सैनी ने सारी जिंदगी पैसे के पीछे भागने के बजाय सामाजिक ताने-बाने को ही अहमियत दी। नरेंद्र सैनी की मौत से परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

मृत्यु से पहले सत्य वचन से लोगों को दिया संदेश

नरेंद्र सैनी सामाजिक कार्यों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते थे। साथ ही सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहते थे। रविवार की सुबह सात बजे उन्होंने अपनी फेसबुक पर सत्य वचन की एक पोस्ट अपडेट की, जिसमें उन्होंने संदेश छोड़ा "कौन क्या कर रहा है, कैसे कर रहा है। इन सबसे जितना दूर रहोगे उतना खुश रहोगे"

नरेंद्र सैनी के राजनीतिक सफर पर एक नजर

वर्ष 1964 में जन्मे नरेंद्र सैनी 1982 से सामाजिक संगठनों के साथ जुड़कर समाज सेवा कर रहे थे । वर्ष 1986 में बजरंग दल की स्थापना के साथ नरेंद्र सैनी ने कस्बे में बजरंग दल के संस्थापक सदस्य की भूमिका निभाई थी। इसके बाद कई सालों तक नरेंद्र सैनी बजरंग दल में विभिन्न पदों पर रहे। इस बीच 1990 में नरेंद्र सैनी ने कार सेवा आंदोलन में भाग लिया, जिसमें वह घायल भी हो गए थे। वर्ष 1992 बाबरी विध्वंस के दौरान नरेंद्र सैनी को जेल जाना पड़ा था। इस दौरान उन्होंने बजरंग दल के अलावा विश्व हिंदू परिषद में कई महत्वपूर्ण पदों पर भूमिका निभाई। 1994 में नरेंद्र सैनी भाजपा के टिकट पर नगर पंचायत चेयरमैन का चुनाव लड़ा। हालांकि वह चुनाव नहीं जीत पाए थे। इसके बाद वर्ष 2017 में उन्होंने अपनी पत्नी अनिता सैनी को भाजपा के टिकट पर नगर पंचायत चेयरमैन के चुनाव में उतारा। हालांकि इस बार भी उनका चेयरमैन बनने का सपना साकार नहीं हो सका। नरेंद्र सैनी सामाजिक कार्यों में रुचि रखते थे। उन्होंने कई मुद्दों को लेकर आंदोलन किए, जिनके सकारात्मक परिणाम जनता के सामने अाए। अचानक उनकी मौत से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गर्इ है।

Updated on:
7 Jan 2019, 2:05 PM IST
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