
शामली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के चर्चित जनपद शामली के डीएम और एसपी को 24 घंटे में बदल दिया है। शामली के पूर्व डीएम इंद्र विक्रम सिंह को कैराना उपचुनाव में वोटों की गिनती में गड़बड़ी पाए जाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने जांच के बाद हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मंगलवार रात को डीएम शामली को हटाकर अखिलेश सिंह को नया जिला अधिकारी नियुक्त किया गया था। इसके तुरंत बाद अब बुधवार रात को एसपी दिनेश कुमार पी को भी शामली से हटा दिया गया है। हालांकि, उनका प्रमोशन करके उन्हें सहारनपुर का एसएसपी बनाया गया है।
शामली के डीएम और एसपी को हटाया
2019 का लोकसभा चुनाव आने से पहले ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के चर्चित जनपद शामली के डीएम इंद्र विक्रम सिंह और एसपी दिनेश कुमार पी को बदल दिया है। बताया जा रहा है कि कैराना उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद से डीएम इंद्र विक्रम सिंह जांच के दायरे में थे। कैराना उपचुनाव के दौरान वीवीपैट और ईवीएम मशीन खराब होने में विपक्ष के प्रत्याशियों ने भाजपा प्रत्याशी को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया था। इसके साथ भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह ने भी चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाया था।
विपक्ष ने लगाया था भाजपा को फायदा पहुंचाने का आरोप
इस मामले में विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त से दिल्ली में मिलकर शिकायत की थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने मामले की जांच शुरू की थी। इसके अलावा कैराना लोकसभा उपचुनाव में मतगणना के दौरान गिनती में गड़बड़ी की जांच राज्य निर्वाचन आयोग में चल रही थी। इसमें 3 हजार वोटों की गिनती की गड़बड़ी पाई गई थी। मामले में निर्वाचन अधिकारी होने के नाते डीएम को इसका जिम्मेदार ठहराते हुए इंद्र विक्रम सिंह यहां से हटाकर लखनऊ भेज दिया गया। उनके स्थान पर लखनऊ विशेष सचिव नगर विकास विभाग अखिलेश सिंह को शामली का डीएम बनाया गया है।
दिनेश कुमार को बनाया गया सहारनपुर का एसएसपी
इसके अगले दिन बुधवार देर रात शामली के एसपी दिनेश कुमार पी को सहारनपुर का एसएसपी बना दिया गया। 24 घंटे के अंदर जिले के डीएम और एसपी के तबादले को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। दोनों के तबादलों को आगामी लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। कैराना उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की हुई करारी हार के बाद से प्रदेशभर में पार्टी की किरकिरी हुई थी। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ इस बार शामली जिले पर विशेष ध्यान बनाए हुए हैं। 2019 लोकसभा चुनाव में शामली जिले से वह किसी भी तरह की खामियां नहीं देखना चाहते हैं और भारतीय जनता पार्टी 2019 के लोकसभा चुनाव में कैराना सीट को किसी भी सूरत में जीतना चाहती है। इससे पार्टी के माथे पर लगा कैराना लोकसभा उपचुनाव हार का धब्बा धोया जा सकता है।