
श्योपुर,
शहर के बायपास रोड से एक युवक का अपहरण होने और उसे रिहा करने के बदले 2 लाख रुपए की फिरौती मांगने संबंधी मामले का कोतवाली पुलिस ने खुलासा कर लिया है। पुलिस ने बताया कि यह अपहरण का मामला झूठा था। जिसे खुद गायब होने वाले युवक ने ही रच दिया। युवक की यह योजना थी कि वह अपहरण की कहानी बनाकर परिजनो से 2 लाख रुपए ले लेगा और उन रुपयों से अपनी उधारी चुकता कर देगा। मगर पुलिस ने उसकी योजना पर पानी फेर दिया। कोतवाली पुलिस ने मामले का खुलासा करने के बाद अपहरण की झूठी कहानी गढऩे वाले युवक पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्जकर लिया है।
यह था मामला
कोतवाली थाने में ग्राम मजरा कोतवाली की झोपड़ी निवासी सुरेश माली ने आवेदन देकर बताया था कि उसके भाई तुलसी माली का 12 अप्रेल को बायपास रोडसे तब अपहरण हो गया,जब वह बच्चो से मिलने के लिए गांव बाइक से जा रहा था। साथही उसे छोडऩे के बदले दो लाख रुपए की फिरौती लाने के लिए मोबाइल फोन भी आया। इस शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने साइबर सेल की मदद से जांच की तो पूरा मामला फर्जीनिकला।
60 हजार रुपए की चुकानी थी उधारी
मामले में पुलिस की कार्रवाई देख तुलसी घबरा गया और वह खुद ही घर पहुंच गया।जहां से पुलिस ने उसे थाने लाकर पूछताछ की तो उसने स्वीकार किया कि उसे सीताराम शर्मानिवासी जयपुर को उधार लिए 60 हजार रुपए लौटाने थे। सीताराम रुपए के लिए मुझे परेशान कर रहा था। इसलिए उसने खुद का अपहरण की कहानी रचकर घर से दो लाख रुपए की फिरौती की मांग कर डाली। ताकि इसके जरिए 60 हजार की उधारी चुकाईजा सके।
वर्जन
यह मामला पूरा फर्जीथा। जिसे खुद तुलसी ने अपनी 60 हजार की उधारी चुकाने के लिए रचा था। पुलिस को गुमराह करने वाले तुलसी पर मामला दर्जकर लिया है।
सुनील खेमरिया
टीआई,कोतवाली,श्योपुर