अगर यहां तक कोई महिला या युवती पहुंच भी जाती है तो उसे चबूतरे से करीब 11 फीट दूर ही रहना पड़ता है। यहां आस-पास रहने वाली महिलाओं को इस बात की जानकारी है इसलिए वो प्रवेश द्वार के पास ही अगरबत्ती, दीपक जलाकर लौट जाती हैं। इतना ही नहीं पार्वती माता को लाल रंग की चुनरी चढ़ाने पर ही मनाही है।