अब पेट्रोल उत्पाद उपभोक्ताओं को कंपनियों से क्रेडिट कार्ड दिए जाएंगे। ताकि वह बिना नकद भुगतान किए कंपनी के पंप से पेट्रोल डीजल खरीद सकें। देश में कैशलेस बढ़ाने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा पेट्रोल डीजल कंपनियों को ऐसे आदेश जारी कर दिए हैं, जिनपर कंपनियों ने अमल करना शुरू करते हुए एजेंसियों को इस संबंध में दिशा निर्देश देना शुरूकर दिया है।
बताया जा रहा है कि आगामी कुछ माह के भीतर यह योजना देश-प्रदेश के साथ श्योपुर के उपभोक्ताओं के लिए भी शुरू हो जाएगी। जिस पर ओएनजीसी विभाग के अफसर पूरी निगरानी रखेंगे। बताया जा रहा है कि इसके लिए सभी पंपों और एजेंसियों पर पोस मशीनें होंगी, जिन पर कंपनियों के कार्ड से भुगतान किया जा सकेगा। इसके लिए इन कार्डों में वैलेंस रखना होगा, जो क्रेडिट कार्ड की तरह अपने बैंक खाते से लिंक होने से आसानी से रीचार्ज किए जा सकेंगे। इससे लोगों को गैस एजेंसियों के लिए अपनी पासबुक आदि रखने की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।
ट्रांजेक्शन चार्ज से बचने खुद के कार्ड ला रही कंपनियां
बताया जा रहा है कि कैशलेस ट्रांजेक्शन के बढ़ते दबाव के बीच बैंकों ने मशीनों से भुगतान पर चार्ज लगा दिया है। इससे बचने के लिए पेट्रोलियम उत्पाद वाली कंपनियों ने अपने खुद के कार्ड शुरू करने का निर्णय लिया है।
कैशलेस को लेकर पेट्रोलियम मंत्रालय से सभी पेट्रोलियम कंपनियों को दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं। जिनपर कंपनी स्तर पर कार्रवाई चल भी रही है, ऐसा अफसरों से मालूम चला है, मगर यह कब से शुरू होगी। इस संबंध में अभी पुख्ता कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
अशोक श्रीवास्तव, लीड बैंक आफिसर श्योपुर