Tehsildar Suspend: बाढ़ राहत राशि में करोड़ों रूपये के घोटाले की आरोपी जेल में बंद महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को सस्पेंड किया गया, जमानत याचिका पर नहीं हुई सुनवाई।
Tehsildar Suspend: मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले से बड़ी खबर है यहां कौन बनेगा करोड़पति (KBC) में 50 लाख रुपये जीतने वाली महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को सस्पेंड कर दिया गया है। चंबल संभागायुक्त ने श्योपुर कलेक्टर के प्रतिवेदन पर महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को सस्पेंड करने का आदेश मंगलवार को जारी किया। बता दें कि महिला तहसीलदार अमिता सिंह को बाढ़ राहत राशि घोटाले के आरोप में 26 मार्च 2026 को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। तब से वो जेल में ही बंद हैं और मंगलवार को उनकी जमानत याचिका पर कोर्ट में सुनवाई होनी थी लेकिन किन्हीं कारणों से सुनवाई की तारीख आगे बढ़ा दी गई है।
श्योपुर जिले की विजयपुर तहसील की तहसीलदार अमिता सिंह तोमर पर साल 2021 में आई बाढ़ के बाद वितरित करने आई राहत राशि में करीब ढाई करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप है। आरोप है कि तहसीलदार अमिता सिंह तोमर जो कि उस समय बड़ौदा तहसील में तत्कालीन तहसीलदार थीं उन्होंने करीब दो दर्जन पटवारियों और दलालों से मिलकर 127 फर्जी खातों में लगभग 2.57 करोड़ रुपये की राशि बांट दी। बाद में ये गड़बड़ी डिप्टी कलेक्टर के ऑडिट में पकड़ में आई थी और बड़ौदा थाने में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में 100 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें अमिता सिंह तोमर और 25 पटवारी भी शामिल हैं।
बीते दिनों तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट से उस वक्त झटका लगा था जब उनकी जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया था। तब कोर्ट ने कहा है कि याचिकाकर्ता को अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता है। सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी और अब श्योपुर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था।
तहसीलदार अमिता सिंह तोमर 2011 में ‘कौन बनेगा करोड़पति’ सीजन-5 में 50 लाख रुपये जीतकर सुर्खियों में आई थीं। तब से उन्हें ‘KBC वाली मैडम’ के नाम से बुलाया जाने लगा था। सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट और कमेंट डालकर प्रशासन की कार्रवाई को गलत बताने और संविधान से जुड़ी एक पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट करने पर अमिता तोमर निलंबित भी हो चुकी हैं। इतना ही नहीं 14 साल की नौकरी में 25 तबादले होने पर उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भी लिखा था और इसके कारण भी तहसीलदार अमिता सिंह तोमर मीडिया की सुर्खियां बनी थीं।