
Himachal landslide road blockage: हिमाचल प्रदेश में जारी मूसलाधार मानसूनी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कांगड़ा, चंबा और सिरमौर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अत्यधिक भारी बारिश, अचानक बाढ़ (Flash Floods), और भूस्खलन (Landslides) की चेतावनी दी है। बारिश के कारण प्रदेश भर में सड़कें बंद हैं, बिजली के ट्रांसफार्मर ठप हैं और पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
हिमाचल प्रदेश के राजस्व, बागवानी और जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि रेड अलर्ट के बावजूद नुकसान का आंकड़ा शुरुआती आशंकाओं से कम है, फिर भी कई जिलों से तबाही की खबरें हैं। 145 सड़कें भूस्खलन और मलबे के कारण पूरी तरह बाधित हैं। 508 बिजली ट्रांसफार्मर (DTR) बंद होने से कई इलाकों में अंधेरा छाया हुआ है। 43 पेयजल आपूर्ति योजनाएं बारिश के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। लाहौल-स्पीति और अन्य जिलों में बरसाती नालों में आई उफान के चलते कई छोटे पुल और संपर्क मार्ग बह गए हैं, जिससे दूरदराज के इलाकों का संपर्क कट गया है।
मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि जुलाई के इस महीने में बारिश, लैंडस्लाइड, चट्टानें गिरने और सड़क हादसों जैसी घटनाओं में अब तक 66 लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और सभी संबंधित विभाग युद्ध स्तर पर राहत व पुनर्निर्माण कार्यों में जुटे हैं। सभी ज़िला प्रशासनों और आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (DDMA) को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में अनावश्यक यात्रा करने से बचें तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का सख्ती से पालन करें। नीट व अन्य परीक्षा पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री नेगी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग की। पंजाब के रूपनगर जिले में हिमाचल के वाहनों से एंट्री टैक्स वसूले जाने की खबरों पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस कानूनी प्रावधान की जानकारी नहीं है और संबंधित कानूनों के तहत मामले की समीक्षा की जाएगी।