
मृतक इंजीनियर के परिजनों ने हिमाचल सरकार पर लगाया मदद न करने का आरोप, ( Photo IANS )
Vikram Rana daughter Vishakha statement: केरल के वायनाड टनल लैंडस्लाइड हादसे में अपनी जान गंवाने वाले 59 साल के इंजीनियर विक्रम राणा के पार्थिव शरीर का मंगलवार को उनके पैतृक गांव सरेला (फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र, कांगड़ा) में पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। विक्रम राणा केरल के वायनाड जिले में टनल निर्माण परियोजना में 'डीबीएल कंस्ट्रक्शन कंपनी' के साथ बतौर प्रोजेक्ट मैनेजर काम कर रहे थे। 6 दिनों के लंबे खोज और बचाव अभियान के बाद सोमवार को मलबे से उनका शव बरामद किया गया था। इस हादसे में वह आखिरी लापता व्यक्ति थे। एक तरफ जहां पूरा गांव और परिवार विक्रम राणा की मौत से गहरे शोक में डूबा है, वहीं दूसरी तरफ मृतक की बेटी विशाखा का राज्य सरकार के प्रति भारी गुस्सा फूट पड़ा है।
बता दें कि मीडिया से बात करते हुए विक्रम राणा की बेटी विशाखा ने हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार और स्थानीय विधायकों पर गंभीर आरोप लगाए। विशाखा ने केरल सरकार की तारीफ की, लेकिन अपने गृह राज्य के रवैये को लेकर तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि 'हमें इस हादसे के बारे में 7 जुलाई को सोशल मीडिया के जरिए पता चला। हमने उसी सुबह 8:30 बजे अपने पिता से बात की थी और कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर इस अनहोनी की खबर देखी। केरल सरकार ने हमारा बहुत सहयोग किया और हर संभव मदद पहुंचाई। लेकिन हिमाचल सरकार से हमें 1% भी सपोर्ट नहीं मिला। यहां तक कि हमारे क्षेत्र के विधायकों ने भी हमसे मिलना या हमारा हालचाल पूछना जरूरी नहीं समझा।'
बेटी के इन गंभीर आरोपों के बीच फतेहपुर के सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट (SDM) रमन शर्मा ने बताया कि स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। उन्होंने कहा कि 'राजस्व (Revenue) विभाग की टीम और मैंने प्रभावित परिवार से मुलाकात की है। आज शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। हमारा प्रशासन राहत मैनुअल के तहत परिवार को जो भी संभव वित्तीय और अन्य राहत प्रदान की जा सकती है, वह जल्द से जल्द मुहैया कराएगा।'
गौरलतब है कि 7 जुलाई को केरल के वायनाड जिले की मेप्पाडी ग्राम पंचायत के कल्लाडी स्थित टनल निर्माण स्थल के पास हुए भीषण भूस्खलन में निर्माण स्थल का बड़ा हिस्सा 7 से 10 फीट गहरे मलबे में दब गया था। हादसे के बाद केरल सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष (CMDRF) से 5 लाख रुपए की अनुग्रह राशि और घायलों को चोट की गंभीरता के आधार पर 2 लाख तक की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही, सरकार ने भूस्खलन के कारणों की जांच के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की है, जो यह पता लगाएगी कि टनल निर्माण के दौरान अनुबंध की शर्तों या पर्यावरण एवं वन संबंधी नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही टनल निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा।
Updated on:
14 Jul 2026 02:23 pm
Published on:
14 Jul 2026 02:23 pm
