
Jairam Thakur on Rahul Gandhi Vote Chori: हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के नेताओं पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर की गई टिप्पणियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग की ओर से स्पष्टीकरण के बाद इस विवाद का आधार स्पष्ट हो गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता हासिल करने में विफल रहने के बाद कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के नेता निराशा में देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह से पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए अपने आरोप रखते हैं, उससे ऐसा लगता है जैसे किसी कक्षा में विषय समझाया जा रहा हो।
जयराम ठाकुर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर लगाए गए आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की बैठक में तीनों चुनाव आयुक्त मौजूद थे। इसके बाद आयोग की ओर से जारी प्रेस नोट में पूरे मामले पर स्पष्टीकरण दिया गया। उन्होंने दावा किया कि कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र चुनाव आयोग की किसी नीति के खिलाफ असहमति वाले पत्र नहीं थे। उनके मुताबिक, ये पत्र प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक अधिकारी के प्रशासनिक कामकाज से जुड़े थे और इनका चुनाव आयोग की नीतियों या चुनावी फैसलों से संबंध नहीं था।
ठाकुर ने कहा कि अगर चुनाव आयोग के किसी सदस्य की ओर से वास्तव में कोई असहमति पत्र दिया गया होता तो वह आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा होता। उन्होंने कहा कि तीन सदस्यीय चुनाव आयोग में फैसले संस्थागत प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं और मतभेद की स्थिति में बहुमत का फैसला प्रभावी होता है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और लोगों का चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था में विश्वास होना जरूरी है।
जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में चुनाव आयोग के खिलाफ हुए प्रदर्शनों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने संवैधानिक पदों पर रहते हुए भी चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि जिस चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश में चुनाव कराया, उसी चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस ने सरकार बनाई और सत्ता में आने के बाद उसके नेता उसी संस्था के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
सवाल-जवाब के दौरान राहुल गांधी के बयानों को लेकर पूछे गए सवाल पर जयराम ठाकुर ने व्यक्तिगत टिप्पणी भी की। उन्होंने राहुल गांधी के व्यवहार को चुनावी हार से उपजी निराशा से जोड़ते हुए उनकी मानसिक स्थिति पर टिप्पणी की। हालांकि, यह जयराम ठाकुर का राजनीतिक आरोप है, न कि कोई स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य।
ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक गतिविधियां करने का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का कोई प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि BJP ऐसे प्रयासों को लेकर अपनी आवाज उठाती रहेगी।