शिवपुरी

भाषण देते हुए भावुक हो गए ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन, पीएम को बताया हनुमान, VIDEO

महाआर्यमन ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना रामभक्त हनुमान से की है। भाषण देते हुए उन्होंने अपने दादा माधवराव सिंधिया को भी याद किया।
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mahaaryaman sindhia speech in pichore
भाषण देते हुए भावुक हो गए ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन, पीएम को बताया हनुमान, VIDEO

लोकसभा चुनाव 2024 के साथ ही सिंधिया परिवार की चौथी पीढ़ी भी चुनावी मैदान में उतर आई है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन ने शनिवार को मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के अंतर्गत आने वाले पिछोर में युवा महा सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान महाआर्यमन ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना रामभक्त हनुमान से की है। यहां उन्होंने अपने दादा माधवराव सिंधिया को भी याद किया।

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश की गुना लोकसभा सीट में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया लगातार पांचवी बार उम्मीदवार बने हैं। हालांकि पिछले चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया करीब डेढ़ लाख वोटों से हारे थे। ऐसे में इस बार वो अपनी जीत के लिए किसी भी तरह की कसर छोड़ते नहीं दिख रहे हैं। यही कारण है कि इस बार खुद ज्योतिरादित्य तो चुनावी मैदान में हैं ही, इसके अलावा उनकी पत्नी और बेटा भी चुनावी मैदान में मोर्चा संभाले हुए हैं।

पिछोर के युवा सम्मेलन में शामिल हुए महाआर्यमन सिंधिया ने अपने भाषण के दौरान कहा कि 'मैं यहां राजनीतिक भाषण नहीं देना चाहता, दिल से बात करना चाहता हूं। क्योंकि पूरे विश्व का सबसे बड़ा चुनाव होने जा रहा है। इस चुनाव पर पूरी दुनिया की नज़रें हैं। रामायण के लंका कांड का जिक्र करते हुए महाआर्यमन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हनुमान की तरह संजीवनी लेकर आए हैं। उनकी आयुष्मान योजना से करोड़ों भारतवासियों को लाभ मिल रहा है। हर व्यक्ति का पांच लाख तक का इलाज मुफ्त में किया जा रहा है।

महाआर्यमान ने युवाओं को स्टार्टअप और स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा हमारे प्रधानमंत्री भी यही चाहते हैं कि युवा रोज़गार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोज़गार बनाने वाला बने। देश के युवा रोज़गार बना रहे हैं। मैंने भी मध्य प्रदेश मं 2 स्टार्टअप खोले हैं। मेरी कंपनी में 300 लोग काम करते हैं। महाआर्यमान ने किराना वालों के लिए माई मंडी नाम से एक कंपनी स्थापित की है। उन्होंने कहा कि यूके और यूएस के उनके दोस्त भी भारत में अपनी कंपनियां खोलना चाहते हैं। टेस्ला-एप्पल जैसी बड़ी कंपनियां भारत में उत्पादन करने की इच्छा रखती हैं।

इस दौरान महाआर्यमन सिंधिया ने अपने दादा माधवराव सिंधिया को याद करते हुए कहा कि 'मैं हैरान हूं कि 21 साल बाद भी लोग उनका नाम लेकर रोने लगते हैं। लोगों के दिलों में उन्होंने कैसे इतनी जगह बनाई होगी। कितना काम किया होगा। मेरे पिता भी उसी राह पर चल रहे हैं। अर्जुन की तरह उनका निशाना क्षेत्र के विकास और प्रगति पर रहता है। वो सिर्फ प्रगति के निशाने पर तीर मारते हैं।

Published on:
07 Apr 2024 09:46 am