MP News: डेढ़ साल से खनिज विभाग कर रहा था सर्वे, तीन माह में खदानों से निकलने लगेगा क्वार्ट्ज पत्थर, टाइल्स, सीमेंट, पेंट, कांच उद्योग व इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में होता है इस्तेमाल।
लोकेन्द्र सिंह सेंगर
MP News: मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले की पहचान वैसे तो पिछले 50 सालों से पत्थर व फर्शी से लेकर शिवपुरी स्टोन के रूप में देश-विदेश में रही है, लेकिन कुछ समय पहले अच्छी क्वालिटी का ग्रेनाइड जिले में मिला और अब यहां प्रचुर मात्रा में क्वार्ट्ज पत्थर का 'खजाना' मिला है। खनिज विभाग के लगातार डेढ़ साल के सर्वे के बाद पता चला है कि जिले के नरवर के नैनागिर, खड़ीचा, समोहा सहित अन्य क्षेत्रों में कीमती क्वार्ट्ज के बड़े-बड़े पहाड़ हैं।
कीमती क्वार्ट्ज पत्थर का प्रचुर मात्रा में भंडार मिलने के बाद अब खनिज विभाग यहां नीलामी प्रक्रिया की तैयारी में जुट गया है। सब कुछ सही रहा तो आगामी तीन से 5 माह में यहां से क्वार्ट्ज पत्थर निकलना शुरू हो जाएगा। क्वार्ट्ज पत्थर का उपयोग हर बड़ी इंडस्ट्री जैसे टाइल्स, सीमेंट, पेंट, कांच उद्योग व इलेक्ट्रॉनिक्स में होता है। खनिज विभाग क्वार्ट्ज पत्थर को लेकर पिछले डेढ़ साल से सर्वे में जुटा था और यहां से पत्थर के नमूने ले जाकर ग्वालियर स्थित लैबोरेटरी में टेस्ट करवाए थे। टेस्ट में पता चला है कि शिवपुरी जिले के नरवर में सबसे अधिक व अच्छी क्वालिटी के क्वार्ट्ज के पहाड़ हैं।
नरवर के अलावा करैरा, पिछोर व खनियांधाना में भी पर्याप्त मात्रा में क्वार्ट्ज पत्थर मिला है लेकिन नरवर क्षेत्र में जो क्वार्ट्ज है, उसकी माइनिंग विभाग सर्वे के अलावा हर औपचारिकता पूरी कर चुका है। माइनिंग अधिकारी आरएस उईके ने बताया कि नवागत कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देशन में क्वार्ट्ज की नीलामी की प्रक्रिया कार्रवाई को तेज कर दिया है और अब खनिज विभाग को कुछ और काम जैसे फोरेस्ट व राजस्व विभाग से एनओसी जैसे काम करने हैं। इसके बाद जिले में क्वार्ट्ज खदानों के लिए नीलामी प्रक्रिया कर लीज देने का काम होगा।
क्वार्ट्ज का उपयोग कई बड़ी इंडस्ट्री में होता है इसलिए जब शिवपुरी जिले में इस खनिज को निकालने का काम होगा तो कई बड़ी कंपनियां शिवपुरी में आएंगी और इस काम को करेंगी जिससे सैकड़ों की संख्या में लोगों को रोजगार मिलने के अवसर मिलेंगे। इतना ही नहीं कई अन्य प्रकार के रोजगार भी लोगों को मिलेंगे। चूंकि 50 साल पहले शिवपुरी जिले में रोजगार का सबसे बड़ा साधन पत्थर व्यवसाय था तो इससे जुड़े लोगों को भी काफी उम्मीद है कि क्वार्ट्ज की खदानें चालू होंगी तो उनको भी आय का साधन इस व्यापार से मिलेगा।
खनिज विभाग की मानें तो क्वार्टज शिवपुरी जिले के 31 गौण खनिज में शामिल हो चुका है। अगर आगे चलकर विभाग अलग-अलग स्थानों पर सर्वे का काम कराता है तो दूसरे बड़े खनिज भी शिवपुरी जिले में मिल सकते हैं। इसी क्षेत्र से जुड़े बड़े कारोबारी अजब सिंह कुशवाह ने बताया कि जिले में ग्रेनाइट के लिए हमने माइनिंग विभाग के साथ मिलकर कई प्रयास किए तब नरवर से लेकर पिछोर, करैरा व खनियांधाना में बड़ी मात्रा में क्वार्ट्ज पत्थर मिला है। हालांकि नरवर में तो इसके बड़े-बड़े दूर-दूर तक पहाड़ दिखाई देते हैं। शिवपुरी में अन्य काफी कीमती खनिज भी मिल सकते हैं।