शिवपुरी

केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद को बढ़े हाथ, गुल्लक और मोहल्ले से राशि एकत्र कर छात्राओं ने भेजी मदद

केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद को बढ़े हाथ, गुल्लक और मोहल्ले से राशि एकत्र कर छात्राओं ने भेजी मदद
2 min read
• •
Updated: 27 Aug 2018, 5:36 PM IST
sutdents send Money For Kerala Help
केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद को बढ़े हाथ, गुल्लक और मोहल्ले से राशि एकत्र कर छात्राओं ने भेजी मदद

शिवपुरी । केरल में बाढ़ से आई तबाही के लिए जहाँ अनेक राज्यों की सरकारें पीडि़तों ओर वहां की सरकार को आर्थिक सहायता भेज रही हैं, वहीं शिवपुरी जिले के करैरा की नन्ही छात्राएं भी मदद के लिए सामने आई हैं। इन छात्राओं ने अपनी गुल्लक की जमा पूंजी और मोहल्ले में कुछ लोगों से राशि एकत्र करने के बाद केरल राहत कोष में भेजने के लिए एसडीएम उदय सिंह सिकरवार को सौंपी है ।

केंद्रीय विद्यालय करैरा में कक्षा 5 में पढऩे वाली 9 साल की ऋतिक तिवारी ने बताया कि जब उन्होंने टीव्ही व अखबारों में केरल में आई बाढ़ की तबाही और मदद के बारे में जाना तो उसके मन में भी इन बाढ़ पीडि़तों की मदद के लिए कुछ करने का जज्बा हुआ ।

उन्होंने पहले तो अपनी गुल्लक से जमा पूंजी निकाली लेकिन वह काफी कम थी। इसलिए उन्होंने सहायता राशि को बढ़ाने के लिए अपने साथ पढऩे वाली माही गुप्ता, सौम्या सोनी और प्रीति श्रीवास्तव से कही तो वह भी सहज रूप से इस नेक काम के लिए तैयार हो गईं। स्कूल में कुछ शिक्षको से मदद जुटाई और स्कूल समय के बाद थोड़ा वक्त इन्होंने निकाला और चारो छात्रओं ने अपने ही मोहल्ले के कुछ घरों में जाकर कलेक्शन शुरू किया तो दो दिनों में उन्होंने 3100 रुपए जुटा लिए। इसके लिए उन्होंने दान देने वालों की सूची भी बनाई और सूची के साथ एकत्र राशि को एसडीएम उदय सिंह सिकरवार को सौप कर केरल भेजने का आग्रह किया ।

शनिवार की शाम जब यह छात्राएं एसडीएम उदय सिंह सिकरवार को जमा राशि सौंपने उनके कार्यालय पहुंची तो वे भी इन छात्राओं के इस नेक काम से इतने प्रेरित हुए कि उन्होंने भी अपनी पॉकेट से 2 हजार रुपए निकाले और छात्राओं द्वारा जमा राशि में शामिल कर अपने स्टेनो रमेश कुशवाहा को देते हुए कहा कि वह 51 सौ की इस राशि को पत्र के साथ केरल राहत कोष में जमा कराएं। नन्हीं छात्राओं द्वारा केरल पीडि़तों के लिए एकत्र की गई राहत राशि भले ही कम हो लेकिन उनकी सोच बहुत बड़ी दिखती है। इस अवसर पर एसडीएम उदय सिंह सिकरवार ने कहा कि उन्हें गर्व है कि करैरा में ऐसी बेटिया भी हैं निश्चित रूप से बच्चियों ने यह नेक कदम उठाया है, जिसकी जितनी तारीफ की जाए कम है ।

Published on: