
MP : यह है देश की एकलौती नदी, जो सावन में चौमुखी शिवलिंग के करती है चरण स्पर्श, जानिए पूरी खबर
ग्वालियर/डबरा । एक दो साल नहीं कई सालों से ग्रामीण इस चमत्कार के गवाह हैं। हर साल सावन के महीने में बेतवा नदी उफान पर आती है और गुफा में बिराजमान भैरारेश्वर महादेव के चरण पखारती है। इस साल भी सावन के महीनों में वर्षों पुराने चमत्कार के ग्रामीणजन साक्षी बने।
भैरारेश्वर महादेव का मंदिर दतिया जिले के बसईकस्बे से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मंदिर से सट कर बेतवा नहीं बहती है। घाट से करीब ५० फीट की ऊंचाई पर एक अंधेरी से गुफा है, जिसमें प्राकृतिक चौमुखी शिवलिंग स्थापित है। हर साल सावन के महीने में बेतवा नदी उफान पर आती है और नदी का पानी गुफा के अंदर तक पहुंचता है। यह चमत्कार सालों से होता आ रहा है।
प्राकृतिक हैं शिवलिंग
बुजुर्गों के अनुसार गुफा में बिराजमान शिवलिंग प्राकृतिक है। बसई से करीब तीस किलोमीटर की दूरी पर खनियाधाना रियासत थी। इस रियासत में राजा खलक सिंह का शासन था। बर्तमान में खनियाधाना शिवपुरी जिले की तहसील है। राजा खलक सिंह के पूर्वजों को भगवान शंकर ने स्वप्र दिया था। तब खलक सिंह के पूर्वजों ने आकर पहाड़ी की खुदाई कराई तो अंदर गुफा में शंकर जी की चौमुखी पिंडी दिखी। बताया जाता है कि इस स्थान पर शहीद चंद्रशेखर आजाद ने कुछ समय बिताया था।
मेले का होता है आयोजन
भैरारेश्वर मंदिर पर मकर संक्रंाति व सावन माह में मेला लगता है और सावन माह के हर सोमवार को बड़ी संख्या में भक्तगण दर्शनों के लिए आते है। यहां शनिदेप का मंदिर होने से पूरे साल हर शनिवार को यहां शनि भक्त भी दर्शनों को आते है। मेला के समय यहां झांसी, ललितपुर, पिछोर, बबीना, खनियाधाना से भक्त आते हैं।
चार दिन पहले आया मंदिर में पानी
इस बार भी बेतवा भोलेनाथ के चरण पखार चुकी हैं। चार दिन पहले ही नदी में उफान आने के बाद गुफा के अंदर तक पानी आ गया था।
रामसेवक, पुजारी भैराश्वरमंदिर
Published on:
27 Aug 2018, 2:00 PM IST
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