शिवपुरी. जिले के सतनवाड़ा थाना क्षेत्र में माधव टाइगर रिजर्व की सीमा से सटे ग्राम डोंगर में गुरुवार को बाघिन ने एक वृद्ध पर हमला कर उसे घायल कर दिया। बाघिन ने केवल पैर पर ही वृद्ध को काटा है और उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। इधर बुजुर्ग ग्रामीण पर हुए हमले […]
शिवपुरी. जिले के सतनवाड़ा थाना क्षेत्र में माधव टाइगर रिजर्व की सीमा से सटे ग्राम डोंगर में गुरुवार को बाघिन ने एक वृद्ध पर हमला कर उसे घायल कर दिया। बाघिन ने केवल पैर पर ही वृद्ध को काटा है और उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। इधर बुजुर्ग ग्रामीण पर हुए हमले के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने मौके पर पहुंची टाइगर ट्रैङ्क्षकग टीम को घेर लिया और पार्क प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि जिस मादा बाघिन ने हमला किया है, उसे महज 5 दिन पहले 27 दिसंबर को ही टाइगर रिजर्व में छोड़ा गया था और आज उसने हमला बोल दिया। अब तो आए दिन ऐसी घटनाएं होगी।
जानकारी के मुताबिक डोंगर गांव निवासी शिवलाल बघेल (68) गुरुवार की सुबह करीब 7 बजे अपने घर से लगभग 100 मीटर दूर खेत में शौच के लिए गया था। तभी खेत में झाडिय़ों के बीच छिपी बैठी बाघिन ने शिवलाल पर अचानक हमला कर दिया। शिवलाल ने शोर मचाया तो आसपास से लोग लाठियां लेकर मौके पर एकत्रित हो गए और बाघिन जंगल में भाग गई। ग्रामीणों की माने तो बाघिन एक या दो दिन से इसी क्षेत्र में थी और पहले उसने कुछ कुत्तों का भी शिकार किया है। घायल शिवलाल को परिजन ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। परिजन फतेह ङ्क्षसह बघेल ने बताया कि शिवलाल के शरीर पर कई जगह गंभीर काख्म आए हैं और इलाज जारी है। इधर माधव टाइगर रिजर्व की टीम बाघिन के मूवमेंट पर नजर रखे हुए है।
ग्रामीणों ने लगाए लापरवाही के आरोप
घटना के बाद मौके पर गांव के कई लोग आ गए और जब माधव टाइगर रिजर्व की ट्रैङ्क्षकग टीम और पार्क प्रबंधन के अधिकारी गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का आरोप है कि टाइगर की निगरानी में भारी लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से बाघिन गांव तक पहुंच गई और हमला कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते निगरानी और अलर्ट सिस्टम मजबूत होता तो यह घटना नहीं होती। इतना ही नही ग्रामीणों को अब डर सता रहा है कि फिर कहीं टाइगर गांव में किसी पर हमला न बोल दें। ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ दिन से गांव और खेतों के आसपास टाइगर की मूवमेंट देखी जा रही थी। इसकी शिकायतें भी वन विभाग को दी गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। डर के चलते ग्रामीण अब हमेशा समूह में ही रहते हैं और किसी को भी अकेले बाहर निकलने नहीं दिया जाता।
बांधवगढ़ से लाइ गई बाघिन को शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व में 27 दिसंबर को छोड़ा गया था। इसी बाघिन ने वृद्ध पर हमला किया है। माधव टाइगर रिजर्व में इस समय कुल 8 बाघ है। इनमें 5 मादा व 3 नर बाघ है। ग्रामीणों का आरोप है कि वृद्ध पर हमला करने वाली वही बाघिन है जिसे अभी हाल ही में छोड़ा गयाथा। ग्रामीणों ने बताया कि माधव टाइगर रिजर्व घोषित होने से पहले कई गांव खाली कराए गए थे, लेकिन कुछ गांवों को आज तक पूरा मुआवजा वितरण नहीं हुआ। इसलिए लोगों ने गांव खाली नहीं किए है। डोंगर गांव भी उन गांव में से एक है।
सूचना मिलने पर पर से पुलिस व पार्क प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंच गई थी। घायल ग्रामीण को इलाज के लिए जिला अस्तपाल में भर्ती कराया है। टाइगर को ट्रेक करने में वन विभाग की टीम लगी है।
सुनील राजपूत,थाना प्रभारी सतनवाड़ा।