श्रावस्ती

जनसुनवाई से शिकायतों के निस्तारण में श्रावस्ती ने मारी बाजी, टॉप टेन में ये जिले शामिल

प्रदेश में जनशिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में बड़ा सुधार आया है और जनसुनवाई से शिकायतों के मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
2 min read
PC: IANS
PC: IANS

सीएम डैशबोर्ड और आईजीआरएस (इंटिग्रेटेड ग्रिवांस रीड्रेसल सिस्टम) की मई माह की रैंकिंग में यह बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार पूरे प्रदेश में जनशिकायतों के निस्तारण में श्रावस्ती ने बाजी मारी है। वहीं शाहजहांपुर ने दूसरा और अमेठी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

श्रावस्ती डीएम से सुनिए कैसे मिला पहला स्थान

श्रावस्ती जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच के अनुरूप श्रावस्ती में शिकायत निस्तारण को लेकर विशेष रणनीति अपनाई गई है। जिले में रोजाना सुबह 10 बजे जनसुनवाई होती है, जिसके बाद दिन भर प्राप्त शिकायतों की प्रगति की समीक्षा की जाती है। वहीं लंबित मामलों की समीक्षा शाम 5 बजे और असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त प्रकरणों की गुणवत्ता का परीक्षण रात 9 बजे किया जाता है। उन्होंने बताया कि सीएम योगी के निर्देश पर सभी विभागीय अधिकारियों को जनसुनवाई और शिकायत निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के स्पष्ट आदेश दिए गए हैं।

पिछले कई महीनों से श्रावस्ती जनसमस्याओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण में टॉप फाइव जिलों में बना हुआ है। जिलाधिकारी ने बताया कि मई माह की आईजीआरएस और सीएम डैशबोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार पूरे प्रदेश में श्रावस्ती ने मामलों के निस्तारण में पहला स्थान प्राप्त किया है।

कौन-कौन से जिले हैं टॉप 10

डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मई की रिपोर्ट के अनुसार श्रावस्ती ने 140 पूर्णांक के सापेक्ष 137 प्राप्तांक प्राप्त किये हैं। वहीं श्रावस्ती का जनशिकायतों के निस्तारण का रेश्यो 97.86 प्रतिशत है, जो सबसे अधिक है। इसके साथ ही आईजीआरएस की मई-25 की रिपोर्ट के अनुसार, टॉप-5 जिलों में शाहजहांपुर (95.71%) दूसरे, अमेठी (94.29%) तीसरे, हमीरपुर (94.29%) चौथे और अंबेडकरनगर 89.29 प्रतिशत के साथ पांचवां स्थान प्राप्त किया है। इन जिलों ने न केवल शिकायतों को समय पर सुलझाया, बल्कि समाधान की गुणवत्ता को भी प्राथमिकता दी। वहीं छठे स्थान पर हाथरस, सातवें स्थान पर आजमगढ़, आठवें स्थान पर चंदौली, नौवे स्थान पर मैनपुरी और 10वें स्थान पर सिद्धार्थनगर है।

बता दें कि जिलों में आपसी प्रतिस्पर्धा भी उत्पन्न हो रही है और इसका सीधा लाभ प्रदेश की जनता को मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक की समस्या का समाधान समयबद्ध, संतोषजनक और पारदर्शी तरीके से हो ताकि जनसुनवाई केवल प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाधान की पहचान बने।

Published on:
05 Jun 2025 06:17 pm