Shravasti News: लेखपाल और राजस्व निरीक्षक का एक ऐसा कारनामा प्रकाश में आया है। जिसमें सवर्ण की खतौनी को लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने मिलकर दलित के नाम दर्ज कर दिया। मामला आयुक्त के दरबार में पहुंचने के बाद हड़कंप मच गया है।
Shravasti News: श्रावस्ती जिले की तहसील भिनगा में गलत तरीके से वरासत करने का मामला प्रकाश में आने के बाद आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने 10 दिनों के भीतर एसडीएम भिनगा को खतौनी दुरुस्त कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
Shravasti News: देवीपाटन मंडल के आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने श्रावस्ती जिले की तहसील जमुनहा के रहने वाले राम प्रताप सिंह की शिकायत पर गंभीर रुख अपनाते हुए एसडीएम भिनगा को खतौनी में अनियमितताओं की जाँच कर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए हैं। प्रकरण ग्रामसभा मसहा कला परगना तुलसीपुर तहसील भिनगा की खतौनी में कथित कूटरचना और अवैध वरासत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता राम प्रताप सिंह ने मंडलायुक्त को दिए शिकायती पत्र में यह आरोप लगाया है कि ग्रामसभा मसहा कला के भूमि खाता जो मूल रूप से श्यामलाल श्रीवास्तव के नाम दर्ज थी। उनकी मृत्यु के बाद उनके जायज वारिस पुत्र रमेश कुमार श्रीवास्तव, राहुल कुमार श्रीवास्तव, और पत्नी राजकुमारी श्रीवास्तव के नाम पर वरासत दर्ज नहीं की गई।
बल्कि इसके विपरीत तत्कालीन राजस्व निरीक्षक और लेखपाल ने षड्यंत्रपूर्वक श्यामलाल की संपत्ति को अनुसूचित जाति की महिला चंद्रकला पत्नी मनीराम के नाम पर स्थानांतरित कर दिया। जो मृतक की पुत्री बताई गई। इसके बाद चंद्रकला ने बिना किसी अनुमति के उक्त भूमि को वर्ष 2001 में मंजी देवी उर्फ अनारकली के नाम विक्रय कर दिया।
आरोप है कि भू-माफियाओं के इस षड्यंत्र के कारण मृतक श्यामलाल के परिजनों को गंभीर प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उनका परिवार श्रावस्ती से पलायन कर गोंडा के चरसड़ी में अपने रिश्तेदारों के पास असहाय जीवन जीने को मजबूर है।
मंडलायुक्त ने उपजिलाधिकारी भिनगा को आदेशित किया है कि शिकायत में उल्लिखित सभी बिंदुओं पर अभिलेखीय एवं स्थलीय जाँच कराई जाए। और नियमानुसार खतौनी को दुरुस्त किया जाए। एसडीएम भिनगा को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि मामले की जाँच रिपोर्ट 10 दिन के भीतर मंडलायुक्त कार्यालय में प्रस्तुत की जाए।