राप्ती नदी में नहाने गए दो चचेरे भाइयों की डूबकर मौत हो गई। छुट्टी पर आए पिता ने बेटे को अंतिम विदाई दी। तो पूरा गांव रो पड़ा, हर आंख नम हो गई।
श्रावस्ती के इकौना क्षेत्र में रविवार का दिन एक दर्दनाक हादसे में बदल गया। जब राप्ती नदी में नहाने गए दो चचेरे भाइयों की डूबने से मौत हो गई। 13 वर्षीय सूरज और 15 वर्षीय अखिलेश की अचानक हुई इस मौत ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। खेलते-कूदते घर से निकले दोनों बच्चे कभी वापस नहीं लौटे। जिससे परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
श्रावस्ती जिले के इकौना थाना क्षेत्र के जंगरावल गढ़ी गांव में उस समय चीख-पुकार मच गई। जब दो मासूम बच्चों की जिंदगी नदी के गहरे पानी में समा गई। सूरज यादव और अखिलेश उर्फ अनिल यादव, जो आपस में चचेरे भाई थे। रविवार को घर से थोड़ी दूर बह रही राप्ती नदी के किनारे घूमने गए थे। गांव के लोगों के मुताबिक, दोनों बच्चे अक्सर की तरह खेलने और नहाने के लिए नदी में उतर गए। लेकिन इस बार उनका यह मासूम कदम जानलेवा साबित हो गया। नहाते समय अचानक वे गहरे पानी में चले गए। और खुद को संभाल नहीं पाए। पास में मौजूद चरवाहों ने जब उन्हें डूबते देखा तो शोर मचाया। जिसके बाद गांव के लोग और परिजन भागकर मौके पर पहुंचे।
सूचना मिलते ही पुलिस भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई। और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की गई। काफी प्रयास के बाद पहले सूरज को बाहर निकाला गया। और उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद करीब तीन घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद अखिलेश को भी नदी से निकाला गया। लेकिन तब तक उसकी भी सांसें थम चुकी थीं।
इस हादसे ने दोनों परिवारों को गहरे दुख में डुबो दिया है। सूरज अपने पिता का इकलौता बेटा था। जबकि अखिलेश चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। वह सातवीं कक्षा में पढ़ता था। बताया जा रहा है कि अखिलेश के पिता सशस्त्र सीमा बल में तैनात हैं। और हाल ही में छुट्टी पर घर आए थे। अपने बेटे के साथ गांव आए थे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह मुलाकात आखिरी साबित होगी। गांव के लोगों का कहना है कि नदी का किनारा पहले से ही खतरनाक हो चुका है। क्योंकि कटान के कारण कई हिस्से कमजोर पड़ गए हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। और हर आंख नम है। दो मासूमों की असमय मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।