
सांकेतिक तस्वीर फोटो जेनरेट AI
श्रावस्ती जिले में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए कथित तौर पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला ने अपने जीवित पति को कागजों में मृत घोषित करवा दिया। हैरानी की बात यह है कि जिस व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हुआ। वह उसी दौरान अदालत में एक मुकदमे में पेशी भी करता रहा।
श्रावस्ती जिले के मल्हीपुर थाना क्षेत्र के लालबोझा दर्बेश गांव में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गांव की रहने वाली बबिता नाम की महिला ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में शिकायत देकर आरोप लगाया है कि गांव की रामरानी ने अपने पति केशवराम को सरकारी कागजों में मृत दिखाकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया। शिकायत में कहा गया है कि इस काम में ग्राम विकास अधिकारी बुधईराम की मिलीभगत भी हो सकती है। आरोप के मुताबिक जारी किए गए मृत्यु प्रमाण पत्र में केशवराम की मृत्यु की तारीख 13 मई 2024 दर्ज की गई है।
लेकिन रिकॉर्ड के अनुसार केशवराम उस तारीख के बाद भी पूरी तरह जीवित थे। न्यायालय में चल रहे एक मामले में पेशी के लिए नियमित रूप से जा रहे थे। बताया गया कि 6 जून 2024 को उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) श्रावस्ती की अदालत में एक मुकदमे में हाजिर होकर जमानत भी कराई थी। इसके बाद भी वह दिसंबर 2024 तक अदालत में लगातार पेश होते रहे।
शिकायतकर्ता बबिता का आरोप है कि रामरानी ने सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए यह जालसाजी की है। उनका कहना है कि जब उन्होंने इस फर्जीवाड़े का विरोध किया तो उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
वहीं जब इस मामले में रामरानी से बात की गई तो उन्होंने सभी आरोपों को गलत बताया। हालांकि वह यह स्पष्ट नहीं कर सकीं कि अगर उनके पति जीवित हैं। अदालत में पेशी दे रहे हैं तो उनका मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बन गया।
इस संबंध में ग्राम विकास अधिकारी बुधईराम का कहना है कि प्रमाण पत्र प्रक्रिया के अनुसार जारी किया गया होगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने गलत जानकारी देकर प्रमाण पत्र बनवाया है तो इसकी जांच कराई जाएगी। अधिकारियों ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच के निर्देश दे दिए हैं। जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
Updated on:
15 Mar 2026, 4:31 PM IST
Published on:
15 Mar 2026, 4:31 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.