शहर के बुद्ध विद्यापीठ डिग्री कॉलेज में हुए छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरी बेटी हार गई। जबकि महामंत्री पद की उम्मीदवार बिटिया ने मैदान मार लिया। छात्रसंघ अध्यक्ष का ताज सपा छात्रसभा के उम्मीदवार शशांक शेखर के सिर पर सजा, जबकि महामंत्री पर छात्रों ने मोनी वर्मा पर विश्वास जताया। गुरुवार को हुए मतदान के दौरान 88 मत अवैध रहे। कॉलेज के 499 वोटरों में 323 ने मताधिकार का प्रयोग किया। अध्यक्ष पद पर तीन ने उम्मीदवारी दाखिल किया था, जिसमें पहली बार अध्यक्ष पद के लिए बेटी ज्योति मिश्रा ने भी नामांकन दाखिल किया।
तीन प्रत्याशियों के बीच में जीत के लिए जद्दोजहद भी हुई। कांटे की लड़ाई के बीच समाजवादी छात्रसभा प्रत्याशी शशांक शेखर ने महज 39 मत से बेटी को हराकर अध्यक्ष पद हासिल किया। निकटतम प्रतिद्धंदी ज्योति मिश्रा को 100 मत मिले जबकि शशांक को 139 मत, तीसरे स्थान पर रहे मसूद आलम को महज 67 मतों से संतोष करना पड़ा। अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए हुए मतदान में 17 मत अवैध पाए गए। महामंत्री पद की उम्मीदवार रहीं मोनी वर्मा ने सभी को शिकस्त देकर चुनाव जीतने में सफल रहीं।
उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी अजय कुमार गौतम को 24मतों से हराकर चुनाव जीत लिया। तीसरे स्थान पर रहे राघवेन्द्र प्रसाद यादव को 56 वोट मिला। महामंत्री के चुनाव के लिए 27 वोटरों का मत अवैध पाया गया। उपाध्यक्ष पद के लिए राम अवतार व उस्मान गनी में सीधी टक्कर रही, जिसमें रामअवतार ने 85 वोट अधिक हासिल कर अपने प्रतिद्वंदी को शिकस्त दी। राम अवतार को 182 व उस्मान गनी को 97 वोट मिले।
उपाध्यक्ष पद पर 44 मत अवैध पाए गए । संयुक्त मंत्री पर खालिद रजा, कला संकाय पद पर मोहम्मद कैफ का चुनाव निर्विरोध रहा। चुनाव परिणाम आने के बाद मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ.सूर्य नरायन त्रिपाठी ने भी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सभी पदाधिकारियों ने जीत के बाद शहर में जुलूस निकाल कर जश्न मनाया।