कार्यशाला का कलेक्टर ने किया शुभारंभ, 1079 लगाओ आपदा में नियंत्रण पाओ
सीधी। मानस भवन में डिस्ट्रिक कमांडेंट होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस ने दो दिवसीय आपदा प्रबंधन कार्यशाला रविवार को आयोजित की। कलेक्टर दिलीप कुमार ने इसका शुभारंभ किया। इस दौरान एएसपी सूर्यकांत शर्मा व डिस्ट्रिक कमांडेंट एलबी कोल भी मौजूद रहे। कार्यशाला में आपदा प्रबंधन के जवान, आमजन व एनसीसी कैडेट्स ने बारीकियां समझी। जवानों ने सीमित संसाधनों का उपयोग कर त्वरित व बेहतर सुरक्षा का मंचन किया। होम गार्ड जवानों ने जीवन रक्षा के विभिन्न तरीकों को दिखाकर आम जन मानस में जागरूकता की मिशाल पेश की गई।
संकट में पड़े व्यक्ति की मदद करें
कलेक्टर दिलीप कुमार ने कहा कि आपदा एवं विशेष परिस्थतियों में हमें सदैव स्थिर होकर उचित मार्ग को ध्यान में रखकर कार्य करना चहिए। ताकि, संकट में पड़े व्यक्ति की मदद कर सकें। हम सब का दायित्व है कि साधक बनें न कि बाधक। वर्तमान में एक वर्ग विशेष के कुछ लोग आधारहीन बातें फैला रहे हैं। सोशल मीडिया लोगों की मदद के लिए बना है न कि दुरुपयोग कर भ्रमित करने के लिए। ऐसे लोग सिर्फ आपदा के समय तमाशबीन बनते हैं न कि उससे निपटने के लिए उचित माध्यम की तलाश करते हैं।
1079 लगाओ आपदा में नियंत्रण पाओ
जिला होमगार्ड कमांडेंट एलबी कोल ने कहा, आपदा प्रबंधन के 40 दक्ष जवान 24 घंटे सेवा भाव को प्रधानता देते हुए कार्य में मुस्तैद रहते हैं। फिर चाहे बात प्राकृतिक आपदा हो या मानव जनित आपदा। वह हर हाल में उससे निपटना जानते हैं। ये जीवन रक्षक, जीवन दायक, जीवन समवर्धक, जीवन साधक के तहत सदैव कार्यशील रहते हैं। जान माल की रक्षा के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन काम करती है। 1079 नंबर पर फोन कर त्वरित सहायता ले सकते हैं।
'विपरीत परिस्थति में जीतने का नाम होमगार्ड'
ASP सूर्यकांत शर्मा ने बताया, मप्र होम गार्ड सदैव निष्काम सेवाभाव से कार्य करती आ रही है। आज की इस कार्यशाला का मकसद भी लोगों में अधिक से अधिक जागरुकता फैलान है। ताकि, विपरीत परिस्थितियों को भी कैसे सरलता के साथ निपटा जा सके। सदैव हम सब को यह प्रयास करना चाहिए।
निपटने के लिए जवान सदैव तत्पर
शर्मा ने बताया कि आग लगने पर, पानी में डूबने पर, करंट फैलाने पर, भगदड़, फिसलन, पुल मकान इमारत ढह जाने पर, सांप्रदायिक तनाव की स्थिति, गौवंश हत्या या मंदिर मस्जिद, धार्मिक स्थलों में तोड़ फोड़ होने पर, आतंकी गतिविधियों पर, सार्वजनिक स्थलों पर संकट आने पर, अफ वाह, अपहरण, सड़क दुर्घटना, महामारी हैजा, साधु संतों का विवाद, भूकंप, फूड पॉयजनिंग, सर्पदंश, अतिवृष्टि जैसे अनेक विपरीत परिस्थतियों को भी आसानी निपटने के लिए जवान सदैव तत्पर रहते हैं।