MP News: मध्यप्रदेश के सीधी जिले में बीएमओ को 5 हजार रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है।
MP News: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन रिश्वतखोर अधिकारी और कर्मचारी घूस लेते रंगे हाथों पकड़े जाते हैं। ऐसा ही मामला सीधी जिले से सामने आया है। जहां बीएमओ डॉक्टर को 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
शिकायतकर्ता अंकित शुक्ला ने बताया कि उसके साथ एक महीने पहले अमिलिया क्षेत्र में मारपीट हुई थी। जिसमें उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत मेडिकल परीक्षण और रिपोर्ट की आवश्यकता थी। मगर, बीएमओ डॉक्टर स्वतंत्र पटेल के द्वारा मेडिकल रिपोर्ट में गहरा घाव लिखने के लिए 10 हजार की रिश्वत मांग रहे थे। बार-बार कहने पर वह 5 हजार रूपये में मेडिकल रिपोर्ट में 'गहरा घाव' लिखने के लिए राजी हो गया।
शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त पुलिस में मामला दर्ज कराया। लोकायुक्त रीवा ने शिकायत का सत्यापन कराया तो मामला सही निकला। जिसके बाद टीम ने ट्रैप करने की योजना बनाई। शनिवार की सुबह शिकायतकर्ता ने जैसे ही डॉक्टर स्वतंत्र पटेल को 5 हजार रुपये की रिश्वत दी। तुरंत ही मौके पर मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है।
बीते दिनों, छिंदवाड़ा में कंप्यूटर ऑपरेटर को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था। आवेदिका पुष्पा वडघरे नर्सिंग आफिसर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहनाकला ब्लॉक पिण्डरईकला में पदस्थ हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पदस्थापना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से नजदीकी संजीवनी क्लीनिक में कराने के बदले आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र यदुवंशी के द्वारा 50 हजार की रिश्वत मांगी जा रही थी। लोकायुक्त ने सोमवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सी.एम. एच.ओ कार्यालय में दबिश देते हुए कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र यदुवंशी को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया।