लापरवाह संविदाकारों पर नगर पालिका सख्त
सीधी। शहर की बहुप्रतीक्षित नवीन नल-जल योजना को पांच साल से अटकाकर रखने वाले ठेकेदार पर सख्त निर्णय लिया है। शनिवार को हुई नगर परिषद की बैठक में ठेका निरस्त कर संबंधित संविदाकार को ब्लैक लिस्टेड करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही तय किया गया है कि शेष बचे कार्य के लिए द्वितीय निविदा आमंत्रित की जााएगी।
2013 में शुरू हुआ था काम
नवीन नलजल परियोजना का काम ठेकेदार ने 2013 में शुरू किया था। 2042 की अनुमानित आबादी सवा लाख को ध्यान में रखकर परियोजना के तहत सोन नदी के कुर्रवाह घाट में इंटकवेल व मधुरी में फिल्टर प्लांट बनाया जाना था। लगातार निर्देश व नोटिस के बाद भी संविदाकार ने निर्माण कार्य में तेजी नहीं लाया। जिसका नतीजा ये रहा कि मुख्य पाइप लाइन के विस्तार के साथ मुहल्लों में भी पाइपलाइन बिछाने का काम अधूरा है। जिससे लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
अभी ये है स्थिति
करीब 17 करोड़ 84 लाख की लागत से निर्मित होने वाली सीधी जल प्रदाय योजना के तहत नगर में 908-908 किली के तीन ओवरहेड टैंक बनाए जा चुके हैं। रोटरी पार्क, अमहा तालाब तथा कृषि विज्ञान केंद्र के पास निर्मित इन टैंकों में पानी सप्लाई सोन नदी के कुर्रवाह घाट से होनी है। यहां 14.85 एमएलडी क्षमता का इंटेक वेल व पंप हाउस बनाया जाना है। वहीं मधुरी में 8.75 एमएलडी क्षमता का फिल्टर प्लांट निर्माणणधीन है।
कार्रवाई का निर्णय
कुर्रवाह से मधुरी तक करीब 10 किमी रॉ-वाटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। इसके बाद फिल्टरप्लांट से करीब 6 किमी. लंबी पाइपलाइन से ओवरहेड में पानी पहुंचाया जाना शेष है। इन्हीं ओवरहेड से शहर में 38 किमी. क्षेत्रफल में विभिन्न डायमीटरों की पाइपलाइन बिछाई जानी है, लेकिन संविदाकार की लापरवाही को देखते हुए कार्रवाई का निर्णय लिया गया है।
कई बार कहने के बाद भी निर्माण कंपनी मेसर्स कांक्रीट उद्योग लिमिटेड जेबी सेठ एंड सूरा इंजीनियरिंग प्रा. लिमिटेड झांसी उप्र लापरवाह बनी हुई है। लिहाजा, 27 जून को पीआईसी बैठक में तय किया गया है कि ठेका निरस्त कर व कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर शेष काम के लिए द्वितीय निविदा आमंत्रण की कार्यवाही की जाएगी।
देवेंद्र सिंह मुन्नू, नपाध्यक्ष, सीधी