बारिश में न घर है न ठिकाना
सीधी। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों की बारिश के मौसम में जमकर फजीहत हो रही है। दरअसल, उन्होंने माकान बनवाने के लिए अपने कच्चे मकान तो गिराकर दिए, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही से उनके पक्के मकान अधूरे रह गए, जिससे उन्हें अब झोपड़ी बनाकर गुजारा करना पड़ रहा है। बारिश के इस मौसम में जहां जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है, वहीं बरसात होने पर मुश्किल का सामना करना पड़ता है।
झोपड़ी बनी सहारा
शहर में ऐसे कई हितग्राही हैं, जो टटिया की झोपड़ी बनाकर या फिर पालीथिन तानकर समय काट रहे हैं। कीचड़ से सने इन झोपड़ों में उन्हें भारी मुश्किल होती है, मासूम बच्चों के साथ टपकते पानी के नीचे रात के समय जहरीले कीड़े काटने का भी खतरा बना रहता है, लेकिन जैसे तैसे जिंदगी बिताते हुए आवास पूरा होने का सपना देख रहे हैं।
रूला देने वाली कहानी
शहर के इंदिरा नगर मोहल्ले में स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के बनाए जा रहे मकानों पर जाकर हितग्राहियों से चर्चा की गई तो, रूला देने वाली कहानी बताई। कहा, करीब एक सप्ताह से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने फजीहत कर रखी है। पुराना मकान इस उम्मीद के साथ गिराया था कि बारिश शुरू होने से पहले पक्का मकान तैयार कर लेंगे, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही भारी पड़ गई।
ज्यादातर आवास अधूरे पड़े
किसी को आवास योजना की दूसरी किस्त का इंतजार है तो किसी को पहली किस्त ही नहीं मिली। इससे मोहल्ले के ज्यादातर आवास अधूरे पड़े हैैं। ऐसे में संकट की स्थिति है कि परिवार आखिर जाए तो जाए कहां। कुछ लोगों ने टटिया बनाकर बारिश से बचने का प्रयास कर रहे हैं तो कुछ पॉलीथीन तान कर रह रहे हैं। कुछ हितग्राही तो किस्त मिलने के बाद भी मकान नहीं बना पाए क्योंकि रेत निकासी बंद हो गई। बारिश में अधूरे आवास उनका दर्द बढ़ा रहे हैं।
हितग्राहियों का दर्द
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत होने पर मैंने पुराना कच्चा माकान गिरा दिया है। अभी तक केवल प्रथम किश्त ही मिल पाई है। जिससे माकान अधूरा पड़ा हुआ है। बारिश के मौसम में काफी दिक्कत हो रही है।
सुगिया साकेत, इंदिरा नगर
प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास स्वीकृत होने पर मैंने कच्चा माकान गिरा दिया, प्रथम किस्त में 60 हजार रुपए मिले थे, जिससे कुर्सी व दीवर खड़ी करा दी, लेकिन आगे राशि न मिलने से झोपड़ी तानकर रहना पड़ रहा है। अगली किश्त मिले तो आगे का काम हो, बारिश के मौसम मेें बहुत परेशानी है।
बेलाकली केवट, इंदिरा नगर
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर स्वीकृत हुआ है। अपना कच्चा माकान गिरा दिया, लेकिन आवास की एक भी किश्त नहीं मिली। अफसरों का कहना है कि जाति में रावत की जगह कोल लिखे जाने से राशि जारी नहीं हो पाई। सुधार का कार्य किया जा रहा है। बारिश के इस मौसम में जहरीले जीव जंतुओं का डर बना हुआ है।
सरिता रावत, इंदिरा नगर