शहर में दो वर्ष से होर्डिग लगाने का नहीं है टेंडर, जगह-जगह लटक रहे नियम विरुद्ध होर्डिंग व कटआउट , एक बार हटाने के बाद दोबारा नगर पालिका ने बंद कर ली आंख, दुकानों के भारी फ्लैक्स दे रहे हादसे को आमंत्रण
सीधी। सीधी नगर पालिका क्षेत्र में अभी तक एक भी होर्डिंग, फ्लैक्स, कटआउट लगाने का प्रावधान नहीं है। शासन के निर्देश के बाद सीधी नगर पालिका क्षेत्र में नवंबर २०१९ में अभियान चलाकर होर्डिंग को हटाई गई थी। उसके बाद करीब दो वर्ष से होर्डिग, फ्लैक्स लगाने के लिए आज दिनांक तक टेंडर ही नगर पालिका के द्वारा नहीं जारी किया गया। फिर भी जगह-जगह होर्डिंग व फ्लैक्स नगर पालिका में लटक रहे हैं, चाहे वह फ्लैक्स नेताओं के हो या फिर शासन की योजनाओं से संबंधित। वहीं दुकानदारों के द्वारा अपने दुकानों के सामने भारी फ्लैक्स लगा रखे हैं, जिस पर नगर पालिका के द्वारा आंख बंद कर ली गई है। वर्तमान में जिस तरह तेज आंधी का दौर चल रहा है, ऐसे में ये होर्डिंग, फ्लैक्स या कटआउट हादसे का पर्याय बन सकते हैं। रीवा में घटित हुई घटना से भी नगर पालिका प्रशासन सीख नहीं ले रहा है।
इस नियम के तहत होर्डिंग को किया गया है प्रतिवंधित-
अब तक नगरीय क्षेत्रों में लगाई जाने वाली होर्डिंग आउटडोर विज्ञापन नियम-2017 के तहत अवैध घोषित की गई हैं। जिसके तहत सभी होर्डिंग को हटाने के निर्देश शासन स्तर से जारी किए गए थे। सीधी शहरी क्षेत्र में कोई भी होर्डिंग वैध नहीं है। जारी नियम के अनुपालन में नवंबर २०१९ में नगर पालिका के द्वारा होर्डिंग हटाने का कार्य किया गया था, उसके बाद न तो नवीन शर्तों के अनुरूप निविदा ही जारी की गई और नहीं अवैध होर्डिंग को हटाने का काम ही किया गया।
होर्डिंग लगाने का लिए स्थान किए गए हैं चिन्हिंत-
सीधी शहर में लगाई गई होर्डिंग को अवैध घोषित किया जा चुका है, जिस पर कलेक्टर की अगुआई में होर्डिंग लगाने के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें ५० स्थानों पर होर्डिंग लगाने का प्रस्ताव पास किया गया था, जिसमें सम्राट चौक, गांधी चौक, अस्पताल तिराहा, चीरघर के पास, कलेक्ट्रेट के पास सहित जमोड़ी के मध्य स्थानों का चिन्हांकन किया गया था किंतु जब तक नए नियम के तहत टेंडर ही नहीं बुलाया गया, तब तक शहर में होर्डिंग लगाने का एक भी वैध स्थल नहीं है इसके बाद भी होर्डिंग लोगों के द्वारा लटका दी जाती है।
दुकानदारों के कटआउट लगाने का नहीं है कोई नियम-
दुकानदारों के द्वारा अपने प्रतिष्ठान के नाम पर दुकानों के सामने भारी भरकम काटआउट लटका दी जाती है, जिसमें लोहे की पाइप का प्रयोग किया जाता है, आंधी तूफान चलने पर यदि यह कटआउट किसी के सिर पर गिरी तो वह चोटिल होने के साथ जिंदगी भी गवां सकता है किंतु नगर पालिका के द्वारा दुकानों के सामने लगने वाली कटआउट को लेकर किसी तरह का कोई निर्णय नहीं लिया है, जबकि अन्य शहरों में दुकाने के सामने लगने वाली कटआउट के लिए शर्तें निर्धारित की गई है, जिसके बदले शुल्क भी निकाय को देनी होती है, किंतु सीधी में ऐसी कोई ब्यवस्था नहीं की गई है।
नहीं हटे लोहे के एंगल-
शहर के विभिन्न स्थानों पर होर्डिंग लगाने के लिए नगर पालिका के द्वारा लोहे के इंगल लगाए थे, जिसमें होर्डिंग को चिपका दिया जाता था, किंतु इसे अवैध घोषित हुए दो वर्ष का समय बीत चुका है किंतु इसे आज तक नहीं हटाया गया है। जिस तरह होर्डिंग का एंगल रीवा में मौत का कारण बना उससे सीधी जिला नगर प्रशासन व जिला प्रशासन को सीख लेने की जरूरत है।