कलेक्ट्रेट में हांथ धोने के लिए सेनेटाइजर तो दूर साबुन तक की नहीं है ब्यवस्था, कलेक्ट्रेट आने वाले लोगों को खाली पानी से धोना पड़ रहा हांथ
सीधी। एक तरफ प्रशासन के द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए हर दस मिनट मेेें सेनेटाइजर या साबुन से हांथ धोने के लिए मशवरा दे रहा है, जिसका रोजाना ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार किया जा रहा है किंतु जिले में दीपक तले ही अंधेरा देखने को मिल रहा है। कलेक्ट्रेट करुणा भवन में कार्यरत कर्मचारियों व आने वाले लोगों को हांथ धोने के लिए सेनेटाइजर तो दूर साबुन तक की ब्यवस्था नहीं है।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन के द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं कि सभी शासकीय कार्यालयों, उपार्जन खरीदी केंद्र सहित अन्य संस्थानों में आने-जाने वाले कर्मचारियों व आम लोगों को हांथ धोने के लिए पानी के साथ सेनेटाइजर या साबुन की ब्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। किंतु जिस अधिकारी के द्वारा यह निर्देश जारी किया गया है उन्हीं के कार्यालय अर्थात कलेक्ट्रेट में इस तरह की ब्यवस्था नदारत है। कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर अल्ट्राटेक कंपनी के द्वारा प्रदप्त किया गया पानी की टंकी तो रख दी गई है। किंतु हांथ धोने के लिए सेनेटाइजर या साबुन की ब्यवस्था नहीं की गई है। जिसके कारण लोग पानी से हांथ धोकर कोरोना वायरस के संक्रमण से जंग लड़ रहे हैं। सिर्फ पानी से हांथ धोने से कोरोना वायरस से नहीं बचा जा सकता, जानते हुए भी प्रशासन अनजान बना हुआ है।