जमीन नामांतरण के नाम पर सौदेबाजी, पटवारियों के माध्यम से कराई जा रही वसूली, कलेक्टर स्टेनो के बाद विभाग में रिश्वतखोरी का दूसरा बड़ा मामला
सीधी। राजस्व विभाग रिश्वतखोरी का गढ़ बन चुका है। इस पर अंकुश लगाने में जिला प्रशासन असमर्थ साबित हो रहा है। जिला प्रशासन से क्या उम्मीद की जाए जब उनका स्टेनो ही रिश्वतखोरी में लिप्त रह चुका हो। अब नायब तहसीलदार की रिश्वतखोरी का वीडियो वायरल हुआ है। इसमें बहरी नायब तहसीलदार सुरेंद्र तिवारी की आधा दर्जन से अधिक मामले में रिश्वतखोरी के आरोप हैं।
इसमें प्रस्तावित रेललाइन के लिए दायरे में आने वाली जमीन के नामांतरण कराने के एवज में पटवारी के माध्यम से प्रति नामांतरण का 5 हजार रुपए वसूली का आरोप है। वहीं जारी वीडियो में सरकारी जमीन का भी नामांतरण करने के बदले 10 हजार रुपए रिश्वत लेने की बात कही गई।
पटवारियों ने थोक के भाव में खरीदी जमीन
प्रस्तावित ललितपुर सिंगरौली रेललाइन के निर्माण के लिए गोपद बनास के बाद बहरी तहसील की जमीन का चिह्नांकन कर अधिग्रहण का कार्य चल रहा है। पटवारियों को पता है कि किस खसरा नंबर की जमीन रेललाइन में फंस रही है। ऐसी स्थिति में वे भू-स्वामियों से संपर्क कर खुद व परिजनों के नाम पर रजिस्ट्री करवा रहे हैं। अब उस जमीन का नामांतरण करने के लिए नायब तहसीलदार से लेन-देन किया जा रहा है।
बोले-मेरे नाम पर एक आरे रजिस्ट्री करा दो, नहीं लूंगा एक रुपए
नायब तहसीलदार ने बिना रुपए लिए नामांतरण करने से इंकार कर दिया। पांच हजार से कम कीमत पर नामांतरण करने से साफ इंकार कर दिया। नायब तहसीलदार ने कहा, तुम तो अपने नाम पर जमीन की रजिस्ट्री करा लिए, मुझे क्या फायदा होगा, मेरे नाम पर भी एक आरे जमीन की रजिस्ट्री करा दो नामांतरण का एक भी रुपए नहीं लूंगा। मुझे कोई फायदा नहीं हो रहा है तो मैं बिना पांच हजार लिए नामांतरण नहीं करूंगा।
दाम दें, घर बैठे फैसला
वायरल वीडियो के अनुसार, जमीन नामांतरण के एवज में नायब तहसीलदार सुरेंद्र तिवारी ने पांच हजार की मांग की है। पटवारी राजीव सोनी ने कहा, अभी 4 हजार ले लीजिए बाद में शेष रुपए दे दिए जाएंगे। तहसीलदार ने रुपए ले लिए, लेकिन कहा कि उसे तो रेलवे में नौकरी मिलेगी, मुझे क्या फायदा होगा? पांच हजार से कम मे किसी तरह नहीं करूंगा। पेशी पर आए, तब समझ में आएगा। दाम दे तब उसे पेशी पर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी घर बैठे फैसला ले जा सकता है।
कलेक्टर के स्टेनो ने मांगे थे 70 हजार
इससे पहले कलेक्टर का स्टेनो राजेश शुक्ला एक पटवारी के निलंबन से बहाली के एवज में 70 हजार रुपए के रिश्वत मांगी थी। पत्रिका ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर जिम्मेदारों का ध्यान आकृष्ट कराया तो कलेक्टर ने देर रात राजस्व अधिकारियों की बैठक बुलाकर मामले की सत्यता जानने के बाद उसे निलंबित कर दिया था। वायरल वीडियो में अब नायब तहसीलदार सुरेंद्र तिवारी व पटवारी राजीव सोनी के बीच लेनदेन बात हो रही है।