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चाकूबाजी के विरोध में सड़क पर उतरे छात्र, कोतवाली से लेकर कलेक्ट्रेट तक किया चक्काजाम

विरोध स्वरूप छात्रों ने किया हंगामा, अपर कलेक्टर व एसडीएम को लौटाया, 4 घंटे बाद कलेक्टर ने सुलझा मामला

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सीधी

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Suresh Mishra

Jul 18, 2018

School students on street in protest of stabbed with knife

School students on street in protest of stabbed with knife

सीधी। उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-1 स्कूल परिसर के अंदर छात्र पर हुए चाकू से हमले के बाद साथी छात्रों ने मंगलवार को जमकर हंगामा किया। स्कूल से निकलकर सैकड़ों छात्र पूजा पार्क में एकत्रित हुए। इसके बाद कोतवाली से लेकर कलेक्ट्रेट चौक तक चक्काजाम किया। छात्रों का आंदोलन उस समय और जोर पकड़ लिया जब ऑटो संघ के जिला अध्यक्ष का काफिला कलेक्ट्रेट पहुंच गया। देखते ही देखते सड़क के चारों ओर ऑटो खड़ा कर रोड जाम कर दिया गया।

कुछ देर बाद छात्रों के आंदोलन को और हवा मिल गई। अंत तक छात्र ज्ञापन लेने के लिए कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। लेकिन कलेक्टर मौके पर नहीं पहुंचे। उनकी जगह एडीएम, उपखंड अधिकारी सहित तहसीलदार आनन-फानन पर आए। लेकिन छात्रों ने उन्हें बैरंग लौटा दिया। अंतत: कलेक्टर ने छात्रों के प्रतिनिधि मंडल कार्यालय के अंदर बुलाया। तब जाकर आंदोलन समाप्त हुआ।

प्राचार्य को हटाने की मांग
छात्राओं ने उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य पर आरोप लगाते हुए तीन दिन के अंदर हटाने की मांग की। कहा, प्राचार्य की उपस्थिति में छात्र पर चाकू से हमला हुआ, लेकिन प्राचार्य द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया। बल्कि पीडि़त छात्र का नाम स्कूल से काटने की धमकी देते रहे। घटना के बाद घायल छात्र के उपचार की व्यवस्था प्राचार्य शंभू त्रिपाठी ने नहीं कराई और न ही एम्बूलेंस मंगाया। छात्र निजी खर्च से ऑटो से जिला अस्पताल तक पहुंचा। जबकि आरोपी थानेदार बताकर स्कूल के अंदर प्रवेश किए थे।

विवादों से घिरा प्राचार्य का पूरा कार्यकाल
उत्कृष्ट विद्यालय में पदस्थ प्राचार्य शंभू त्रिपाठी पूर्व में भी विवादों में रह चुके हैं। आरोप है कि पूर्व में बतौर प्राचार्य सपही हायर सकेंड्री स्कूल में पदस्थ थे। जहां एक माह के अंदर एक दर्जन छात्राओं ने गले में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसमें प्राचार्य पर कई तरह के सवाल खड़े हुए थे। उसके बाद भी जिले की उत्कृष्ट विद्यालय का प्राचार्य बना दिया गया।

काबू करने के लिए मंगाई वाटर कैनन
छात्रों का उग्र आंदोलन पुलिस को कसरत करने के लिए मजबूर कर दिया। टीआई राघवेंद्र द्विवेदी अपने दलबल के साथ मोर्चा संभाले में डटे रहे। आंदोलन को उग्र होते देख पुलिस को तैयारी दुरस्त करनी पड़ी। पहले पुलिस लाइन से बल मंगाया, फिर एसपी ने निरीक्षक रामबाबू चौधरी को मौके पर भेजा। वहीं भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन मंगानी पड़ी। लेकिन उपखंड अधिकारी ने लाठीचार्ज व पानी की बौछार करने की अनुमति नहीं दी।