जिम्मेदारों की लापरवाही से बारिश में भीग गया हजारों क्विंटल गेहूं, यहां जानिए कितने रुपए की हुई क्षति
सीधी। किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदी गई गेहूं की हजारों क्विंटल उपज लापरवाही की भेंट चढ़ गई। दरअसल, जिम्मेदारों ने खरीदी गई उपज को समय रहते भंडारित कराने की बजाय खुले में भगवान भरोसे छोड़ दिया था, जिससे वह गत दो दिन से रुक-रुक हो रही बारिश से भीग गई। इससे शासन को लाखों रुपए की क्षति होना तय है।
जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में बनाए गए उपार्जन केंद्र सीधी खुर्द का संचालन शुरू से ही लापरवाही पूर्ण था। यहां स्थित टीन शेड में बड़ी मात्रा में गेहूं व मसूर का भंडारण कर दिया गया है। टीनशेड कई जगह टूटी हुई है, जिससे बारिश का पानी अंदर भर जाता है। गेहूं व मसूर की सैकड़ों बारियां खुले आसमान तले भी छोड़ दी गईं थीं।
शुक्रवार दोपहर तीसरे दिन करीब आधे घंटे हुई बारिश से सैकड़ों बोरी उपज तरबतर हो गईं। लापरवाही का आलम यही रहा तो यह उपज सड़कर नष्ट हो जाएगी। अधिकारी गलती मानने की बजाय एक-दूसरे पर पल्ला झाडऩे लगे हैं। उपार्जन केंद्रों में खरीदी गई उपज को गोदामों तक परिवहन कराने का काम धीमी गति से चल रहा है। बड़ी मात्रा में उपज भीगने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।
सुरक्षा में लापरवाही
उपार्जन केंद्रों में उपज की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र प्रभारी की होती है। लेकिन सीधी खुर्द उपार्जन केन्द्र के प्रभारी तीन दिन तक बारिश में भींग रही सैकड़ों क्विंटल उपज को बचाने के लिए आगे नहीं आया। जबकि जिला मुख्यालय में ही उपार्जन केंद्र व खरीदी व्यवस्था से जुड़े अन्य अधिकारी भी मौजूद हैं। उपार्जन केंद्र में पन्नी तक की व्यवस्था नहीं बनाई गई। लापरवाही की स्थिति यही रही तो पानी में भीग रही उपज पूरी तरह से सड़कर नष्ट हो जाएगी।
गड़बड़ी पर पर्दा तो नहीं
कुछ लोग यह भी कहते हैं कि उपज खरीदी में बड़े पैमाने पर गोलमाल किया गया है। पंजीकृत किसानों से साठगांठ कर व्यवसाइयों की खराब उपज भी खरीद ली गई है। जिस पर पर्दा डालने के लिए उपार्जन केंद्र प्रभारी ने जानबूझकर खरीदी गई उपज को बारिश में भीगने के लिए छोड़ दिया है। ताकि, इसकी आड़ में खरीदी गई खराब उपज भी ठिकाने लगाई जा सके। कुछ लोग यह भी कहते हैं यह आनाज राशन दुकानों के जरिये गरीबों को बेचा जाएगा।