सीकर

पैसों के लिए इस हद तक चली गईं सीकर की ये महिलाएं, सब जगह हुई खूब बदनामी

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Aug 18, 2018
11 womens catches for illegal sonography in sikar Rajasthan
11 womens catches for illegal sonography in sikar Rajasthan

जोगेन्द्र सिंह गौड़
सीकर. भ्रूणलिंग परीक्षण कर कोख में पल रही बेटी का गर्भपात कराने में सबसे अहम भूमिका खुद महिलाएं ही निभा रही हैं। दलाल महिला होने के कारण गर्भवती भी उसके झांसे में आसानी से आ जाती है। स्थिति यह है कि पीसीपीएनडीटी द्वारा अब-तक की गई डिकोय की 16 कार्रवाई में 11 महिला दलाल पकड़ी जा चुकी हैं। जिनके संबंध भ्रूणलिंग परीक्षण में शामिल चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ व बाकी दलालों से सामने आ चुके हैं।

जानकारी के अनुसार पीसीपीएनडीटी की टीम ने भ्रूणलिंग परीक्षण करने वालों को पकडऩे के लिए सीकर जिले में सबसे पहली कार्रवाई 2009 में की थी। इस दौरान इस घिनौने काम में जब महिला आरोपी का नाम आया तो टीम ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन, इसके बाद चार सालों में हुए डिकोय के दौरान 11 महिलाएं टीम के हाथ लगी तो वह भी सकते में आ गई। टीम पदाधिकारियों का मानना है कि भ्रूणलिंग परिक्षण जैसे अवैध व अमानवीय कार्य में महिला दलालों की संख्या बढ़ रही है।

जो कि, बेहद चिंता का विषय है। क्योंकि बेटियों की दुश्मन खुद महिलाएं बन बैठी हैं। ऐसे में इनकी घुसपैठ को रोकने के लिए विभाग ने बेटियों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। जिले की हर विधानसभा क्षेत्र में बेटी को ब्रांड एंबेसेडर बनाकर मुखबिरी को आगे बढ़ाया जा रहा है। यहीं वजह है कि पिछले तीन सालों के दौरान डिकोय की कार्रवाई अचानक बढ़कर 13 तक पहुंच गई और महिला दलालों को गिरफ्त में भी ले लिया गया।

छोड़ रखे हैं गुप्तचर

भ्रूणलिंग परीक्षण कर मोटी कमाई करने वालों ने जिले में कई महिला गुप्तचर छोड़ रखे हैं। जो कि, कमिशन के बल पर ग्राहकों को महिला दलालों के पास पहुंचाते हैं। आंकड़ों के अनुसार 2010 के बाद डिकोय की कार्रवाई 2016 से 2018 के बीच 13 की गई। इनमें भी कई महिला दलाल के साथ एक महिला सरकारी कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया। बाकी के पुरुष इनका साथ देते हुए पकड़े गए।

चिकित्सकों से साठगांठ

डिकॉय ऑपरेशन के दौरान जिले में अब-तक 34 जनों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिनमें चार चिकित्सक भी सम्मिलित थे। बाकी के पुरुष और महिला दलाल शामिल रही। पूछताछ में निकल कर आया है कि चिकित्सकों से संपर्क साधकर ये महिला दलाल उस गर्भवती महिला तक पहुंचती थी। जिनके दो या इससे अधिक बेटियां पहले से हैं और उनका प्रसव काल नजदीक चल रहा हो।

इसके बाद बेटे का मोह पैदा कर गर्भवती महिला को कोख में पल रहे भ्रूण के परीक्षण का झांसा देकर इनको चिकित्सक व सोनोग्राफी करने वाले स्टाफ के पास पहुंचाया जाता। हालांकि सूत्रों का कहना है कि ज्यादातर को बेटी बताकर कइयों के गर्भपात की जानकारी भी पूछताछ में साबित हो चुकी है।

इनका कहना है
भ्रूणलिंग परीक्षण में गिरफ्तार होने वाली महिला आरोपियों की संख्या बढ़ी है। क्योंकि दलाल भी महिला होने के कारण गर्भवती इनकी बातों पर विश्वास जता लेती हैं। हालांकि ठोस कार्रवाई के लिए जिलेभर में बेटियों को बचाने के लिए ब्रांड एंबेसेडर की जिम्मेदारी भी बेटी के कंधों पर सौंपी गई है।
-डा. अजय चौधरी, सीएमएचओ, सीकर

Published on:
18 Aug 2018 12:56 pm