
योगेश पारीक फतेहपुर. राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर उपखण्ड में एक शिक्षक ने बेटी बचाने की मुहिम में अनूठी मिसाल पेश की है। शिक्षक के खुद के बेटी नहीं थी तो पहले तो उन्होंने अपनी भांजी अपने पास रखा और उसकी शादी की और अब उसके बेटी हुई तो जन्मोत्सव में उसे चांदी से तोला। भांजी की बेटी को चांदी से तोलकर उसे उसके वजन के बराबर सवा पांच किलो चांदी भेंट की। इतना ही नहीं उन्होंने इस मौके पर कुआं पूजन भी करवाया और बेटी को 51 हजार रुपए नकद दिए।
बेटी जन्म पर डीजे पर नाचे
-फतेहपुर के उपखण्ड के गांव उदनसरी निवासी दंपत्ती अध्यापक सुल्तान सिंह कुल्हरी व संतरा देवी के खुद के दो बेटे ही हैं और बेटी नहीं है।
-उनकी बेटी की बड़ी चाहत थी। जब बेटी नहीं हुई तो उन्होंने अपनी भांजी सुल्खनिया निवासी मनीषा को अपने पास रखा और उसकी शादी की।
-अब कुछ दिन पहले मनीषा के बेटी हुई थी। एक दिन पहले उसका जन्मोत्सव कार्यक्रम रखा गया था। सुल्तान सिंह व संतरा देवी ने उसे चांदी से तौलकर समाज को बेटी होने पर गर्व करने का संदेश दिया।
-अध्यापक सुल्तान सिंह का कहना है कि समाज में आज बेटियों की कमी देखने मिलती है। हमे हमेशा से बेटी की कमी खलती थी।
- ऐसे में भांजी के लडक़ी होने पर बेटी बचाने के संदेश के साथ ही पल को यादगार बनाने के लिए चांदी से तोल कर मिसाल कायम की।
-मनीषा की शादी कूदन निवासी अध्यापक श्रीचन्द सुण्डा व अध्यापिका सुशीला देवी के लडक़े प्रदीप चौधरी के साथ हुई थी।
-बेटी होने पर डीजे के साथ कुआं पूजन करवाया व सामूहिक भोज का भी आयोजन किया। मनीषा की लडक़ी का वजन पांच किलो 186 ग्राम था।
-सुल्तान सिंह ने वजन के बराबर चांदी लाकर बेटी को तौला। इस दौरान राजेन्द्र भास्कर, ओमप्रकाश बिजारणियां, गजानंद कुल्हरी, शिवलाल कुल्हरी, रामकुमार कुल्हरी सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
बेटे की तरह ही बेटी को समझे
सुल्तान सिंह का कहना है कि समाज में बेटे की तरह ही बेटी को मानना चाहिए। उनके बेटी नहीं होने से उसकी कमी महसूस होती है। सुल्तान ने भांजी की लडक़ी के लिए दो लाख रुपए चांदी खरीदी थी। बेटी के हाथ में 51 हजार रुपए नकद भी दिए। सुल्तान सिंह के इस कदम की हर जगह सराहना की जा रही है।