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राजस्थान का अग्निवीर पश्चिम बंगाल में शहीद, मां से की थी मोबाइल पर बात, कुछ देर में आई शहादत की खबर

श्रीमाधोपुर क्षेत्र के कंचनपुर-जोरावरनगर गांव निवासी 22 वर्षीय अग्निवीर करणसिंह राठौड़ के पश्चिम बंगाल में शहीद होने की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है।

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Feb 03, 2026
अग्निवीर करणसिंह। फाइल फोटो- पत्रिका

श्रीमाधोपुर। हल्के के कंचनपुर-जोरावरनगर गांव की राठौड़ों की ढाणी निवासी 22 वर्षीय अग्निवीर करणसिंह राठौड़ पश्चिम बंगाल में शहीद हो गए। करणसिंह राठौड़ की पार्थिव देह बुधवार को पहुंचेगी। अग्निवीर करणसिंह राठौड़ के सम्मान में तिरंगा रैली निकाली जाएगी व राठौड़ों की ढाणी में सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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2022 में हुए थे भर्ती

करणसिंह दिसंबर 2022 में भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे। वे 17 कॉर्स सिलीगुड़ी बागडोगरा में तैनात थे। एक फरवरी की शाम को सिलीगुड़ी से आर्मी के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) का फोन आया। उन्होंने करणसिंह के निधन की सूचना दी गई। करणसिंह के पिता दयाल सिंह राठौड़ करीब 10 साल पहले सेना से रिटायर हुए थे। बड़ी बहन निकिता कंवर सीमा सुरक्षा बल में हैं। करणसिंह अविवाहित थे।

स्तब्ध रह गए परिजन

शहादत से कुछ घंटे पहले करणसिंह ने अपनी मां मुकेश कंवर से फोन पर बातचीत की थी। उन्होंने बताया था कि ड्यूटी पूरी कर लौट आए हैं और अब भोजन करने वाले हैं। कुछ ही घंटों बाद जब उनके शहीद होने की सूचना परिवार तक पहुंची, तो सभी स्तब्ध रह गए। परिजन अभी तक इस बात से अनजान हैं कि करणसिंह की शहादत किन परिस्थितियों में हुई। वहीं करणसिंह का पार्थिव शरीर सिलीगुड़ी से दिल्ली लाया गया है।

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