
सीकर.
राजस्थान के हाईटेक जिले सीकर की यह चौंका देने वाली हकीकत है कि रोजाना औसतन दो लड़कियां लापता हो रही हैं। पुलिस इनकी तलाश तक नहीं कर पा रही है। महज एक माह में ही 52 लड़कियों के गुम होने के मामले सामने आ चुके हैं। लापता हुईं ज्यादातर लड़कियों की उम्र 18 से 30 साल के बीच है।
लड़कियों के लापता होने के मामलों की पुलिस जांच के आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि अधिकांश लड़कियां प्रेम प्रसंग, बाहर काम करने की चाह, परिजनों से अनबन के चलते लापता हुई हैं। कई मामलों में लड़कियों के अपहरण की भी बात सामने आई है।
दांतारामगढ़ की लड़की का अजमेर में मर्डर
दांतारामगढ़ की संतोष 22 मई 2018 को लापता हुई। परिजनों ने को भारीजा की बाज्या की ढाणी निवासी प्रहलाद पर उसके अपहरण का आरोप लगाया। वह उसे अजमेर के किशनगढ़ ले गया। वहां रात को चुन्नी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव पुलिया के पास फैंक दिया।
किशनगढ़ पुलिस ने छह दिन तक शव की शिनाख्त नहीं होने पर लावारिस मानकर वहां 29 मई को उसका अंतिम संस्कार भी करवा दिया था। जून में पुलिस ने प्रहलाद को हिरासत में पकड़ा और पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया। संतोष पर प्रहलाद सगाई तोडऩे का दबाव बनाया था। उसने इनकार किया तो उसका मर्डर कर दिया।
रींगस से नाबालिग का अपहरण
रींगस के 13 साल की नाबालिग का अपहरण करके आरोपित उसे दिल्ली ले गए। परिजनों ने पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने रेवाड़ी में आरोपित को नाबालिग के साथ ट्रेन में देखा तो आरोपित ट्रेन छोड़कर भाग गया। पुलिस ने नाबालिग को बरामद किया।
कई माह से नहीं लगा सुराग
अजीतगढ़ की कविता वर्मा 22 मई 2018 से लापता है।
दांता निवासी ज्योति को 24 अप्रेल 2018 से सुराग नहीं।
गांव जेरठी की किरण कुमारी 7 मई 2018 से गायब है।
गांव भोरासी की बबीता कुमार 21 मई 2018 से लापता।
रानोली की महिला ज्योति 6 मई 2018 से गायब।
गिरोह की भी आशंका
पीडि़तों का अक्सर यह आरोप रहता है कि उनकी लड़की लापता होने के बाद पुलिस थाने में शिकायत करने जाते हैं तो पुलिस सहयोग नहीं करती। लड़की अपने आप आ जाएगी या परिजनों को खुद अपने स्तर पर ढूढऩे की सलाह देकर पुलिस टरका देती है। ऐसे में मामलों में सेवानिवृत एएसपी जगदीश मीना की मानें तो पुलिस को युवतियां लापता होने के मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। मामले की पूरी पड़ताल की जाए तो संभवतया किसी गिरोह का भी खुलासा हो सकता है।