हर्ष के पहाड़ से गिरने पर इकलौते बेटे सुनील की मौत के गम के साथ परिवार के भविष्य की चिंता में डूबी मां को बड़ा आर्थिक सहयोग मिला है।
सीकर. हर्ष के पहाड़ से गिरने पर इकलौते बेटे सुनील की मौत के गम के साथ परिवार के भविष्य की चिंता में डूबी मां को बड़ा आर्थिक सहयोग मिला है। पत्रिका की खबर व गांव के युवाओं की पहल पर हर्ष निवासी मां कमला के लिए 5 लाख 72 हजार रुपए की राशि जुटा ली गई है। जिनमें से 5 लाख 52 हजार रुपए 760 लोगों ने बैंक खाते में ऑनलाइन जमा करवाए हंै। जबकि 20 हजार रुपये की राशि 10 भामाशाहों व सामाजिक संगठनों ने घर पहुंचकर परिवार को भेंट की है। ग्रामीणों ने बताया कि मदद की राशि का उपयोग परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने व उन्हें स्वरोजगार से जोडऩे के लिहाज से किया जाएगा। इसके अलावा मृतक सुनील की दोनों बहनों की पढ़ाई व शादी तथा बुजुर्ग सास- ससुर के उपचार के लिए भी ग्रामीणों ने हर संभव मदद करने का फैसला लिया है। परिवार की मदद के लिए गांव के शंकर सैनी, ओमप्रकाश गुर्जर, अजय कुमावत, रवि प्रकाश पारीक, शिव दानोदिया, किशोर गुर्जर, मुकेश सैनी, सुनील सैनी, राकेश बोकन ,बलवीर आदि ने सहयोग किया है।
पत्रिका ने उठाया था मुद्दा
31 जुलाई को हर्ष के पहाड़ पर मंदिर में दर्शन कर लौटते समय सुनील हादसे का शिकार हो गया था। पांच साल पहले बीमारी से पति को खोने के बाद इकलौते बेटे की मौत के बाद मां कमला देवी पूरी तरह टूट चुकी थी। दो छोटी बेटियों के साथ लकवा पीडि़त ससुर व सास के उपचार का जिम्मा भी उस पर आ गया था। आय का केाई जरिया नहीं होने पर बेटे के गम के साथ भविष्य की चिंता में सुध खो बैठी उस मां व परिवार के लिए पत्रिका आवाज बना। 'कलेजे में दबी मां की कसक, न तो सुध, ना ही शब्द' शीर्षक से खबर प्रकाशित कर पत्रिका ने परिवार की पीड़ा को प्रमुखता से उठाया। जिसके साथ गांव के युवाओं की कोशिश व भामाशाहों के बढ़े कदमों ने परिवार को बड़ी आर्थिक मदद पहुंचाई। पत्रिका के खबर प्रकाशन को ग्रामीण खूब सराह रहे हैं।