15 Lakh ( 90 Lakh ) Looted in Sikar : शहर के बजाज रोड पर 90 लाख रुपए लूटने के बाद लुटेरे बंटवारे को लेकर देर रात तक आपस में झगड़ते रहे। झगड़ा लूट की रकम में चोरी को लेकर हुआ।
सीकर.
15 Lakh ( 90 Lakh ) Looted in Sikar : शहर के बजाज रोड पर 90 लाख रुपए लूटने के बाद लुटेरे बंटवारे को लेकर देर रात तक आपस में झगड़ते रहे। झगड़ा लूट की रकम में चोरी को लेकर हुआ। इस दौरान पुलिस को सूचना देने की धमकी भी दी गई, लेकिन मामला वारदात की रात पुलिस तक नहीं पहुंच पाया। पुलिस ने गजानंद से मारपीट कर 90 लाख रुपए का बैग लूटने वाले मोहम्मद हुसैन उर्फ ऐजाज उर्फ आचु उर्फ बिल्डर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। मंगलवार को उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस उप अधीक्षक सौरभ तिवाड़ी ने बताया कि मोहम्मद हुसैन उर्फ ऐजाज जयपुर के हसनपुरा क्षेत्र में स्थित कायमखानियों की मस्जिद के पास की कच्ची बस्ती का निवासी है। लूट में शामिल आरोपियों ने मोहम्मद हुसैन को तीन लाख 60 हजार रुपए दिए थे। पुलिस उससे रकम बरामद करने का प्रयास कर रही है।
इस तरह चला लूट में चोरी का खेल ( crime in Sikar )
90 लाख की लूट में लुटेरों ने चोरी का खेल भी गहराई से खेला। पूछताछ में सामने आया है कि हुसैन को लूट की रकम महज 15 लाख रुपए बताई गई। वारदात में कुल पांच लोग शामिल होने के कारण रविशंकर और शरीफ ने हुसैन को उसके हिस्से के तीन लाख रुपए दे दिए। लेकिन वह इतने पैसों में नहीं माना। उसने कहा कि उसका काम सबसे ज्यादा रिस्की था। ऐसे में उसे पैसे ज्यादा दिए। इसके बाद उसे 50 हजार रुपए और दिए गए। लेकिन इसके बाद भी वह नहीं माना। उसने पैसे फैंक दिए और पुलिस को वारदात की सूचना देने की धमकी दी। इस पर उसे दस हजार रुपए और दिए गए। वह तीन लाख साठ हजार रुपए लेकर बस से जयपुर चला गया। शरीफ, रविशंकर ने लूट की रकम से 20 लाख रुपए निकाल साथियों को 70 लाख बताई थी।
धुल गए अरमान
लूट ने दो लुटेरों के शादी के अरमान भी धो दिए हैं। मुनीम रविशंकर सैनी भी कुछ समय बाद शादी है। उसने शादी से पहले घर के लिए वारदात की योजना बनाई थी। मोहम्मद हुसैन की भी कुछ दिनों बाद शादी है। वह भी इसके लिए तैयार हो गया। लेकिन दोनों ही शादी से पहले पुलिस की पकड़ में आ गए।
पांचों आरोपी गिरफ्तार, अब 90 लाख की जांच ( loot accused Arrested )
15 से 90 लाख तक पहुंची इस लूट में पुलिस ने पांचों आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं। साथ ही 85 लाख 32 हजार रुपए की रकम भी बरामद कर ली गई है। ऐसे में पुलिस की जांच का घेरा अब भवानी इंटर प्राइजेंस के भागीदारों की तरफ होगा। हालांकि कंपनी के भागीदार शहर के पोलोग्राउंड क्षेत्र के निवासी महेन्द्र कुमार तोदी ने वारदात के चार दिन बाद पुलिस को पत्र देकर लूट की रकम 90 लाख बताई थी। लेकिन अब सवाल यह है कि लूट की वारदात के दिन 15 लाख रुपए ही क्यों बताए गए। वारदात के चौथे दिन पुलिस ने लूट की कडिय़ां लगभग जोड़ ली थी। जाहिर है कंपनी ने बचाव करने के लिए लूट की रकम 90 लाख होने का पत्र दिया था।
मोहम्मद हुसैन ने खींचा था खाका
मोहम्मद हुसैन सीकर निवासी शरीफ बॉबी उर्फ लंगड़ा का मित्र है। मुनीम रविशंकर के कहने पर शरीब बॉबी ने उसे लूट की वारदात में सहयोग करने के लिए तैयार किया था। हुसैन ने ही लूट की वारदात के लिए पूरा क्षेत्र देखा बाद में स्थान तय किया। हुसैन ने बॉबी से कहा कि उसे केवल बाइक चलाने वाला चाहिए। रूपए से भरा बैग वह छीन लेगा। बैग छीनने के बाद शिव कॉलोनी होते हुए शरीफ के घर पहुंचे। बैग उसे सौंप कर वहीं छिप गए।
7 मामले पहले से ही हैं दर्ज
मोहम्मद हुसैन शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ जयपुर में सात मामले पहले से दर्ज है। सीकर में वारदात करने के बाद भी जयपुर में उसने मारपीट की थी। सदर थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन यहां से दूसरे ही दिन उसकी जमानत हो गई।