सीकर

एक कार की टक्कर ने बना दिया इसे मौत की पुलिया

सीकर. नवलगढ़ रोड पुलिया की रैलिंग कई बार टूटने के बाद भी जिम्मेदार मरम्मत की तरफ ध्यान नहीं दे रहे है। इस कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पिछले दिनों कार की टक्कर से टूटी रैलिंग एेसे ही अधर में लटकी हुई है।
3 min read
Jul 08, 2018
sikar news
एक कार की टक्कर ने बना दिया इसे मौत की पुलिया



सीकर. नवलगढ़ रोड पुलिया की रैलिंग कई बार टूटने के बाद भी जिम्मेदार मरम्मत की तरफ ध्यान नहीं दे रहे है। इस कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पिछले दिनों कार की टक्कर से टूटी रैलिंग एेसे ही अधर में लटकी हुई है। लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग व नगर परिषद इसकी सुध नहीं ले रहे हैं। इससे पहले भी दो बार रैलिंग टूट चुकी है। इसके बाद यहां अस्थाई लोहे की रैलिंग लगाई गई। लेकिन लोगों की सुरक्षा के इंतजाम मजबूत होने के बजाय लचर ही है। यहां यातायात का दवाब अधिक होने के कारण आए दिन वाहन फुटपाथ पर चढ़ जाते है। भाजपा सरकार ने पुलिया के फोरलेन करने की घोषणा कर कोरी वाहीवाही लूट ली। लेकिन वित्तिय स्वीकृति अभी तक नहीं मिली है।

यातायात का दबाव बना कारण
पुलिया के काफी संकरी होने और लगातार यातायात का दवाब बढऩे के कारण रैलिंग टूटने की घटना हो रही है। कई बार नवलगढ़ पुलिया के फोरलेन होने की घोषणा हुई। लेकिन बजट नहीं मिलने के कारण काम अटका हुआ है। इस पुलिया के निर्माण के समय भी कई तकनीकी खामी सामने आई थी।पुलिया के काफी संकरी होने और लगातार यातायात का दवाब बढऩे के कारण रैलिंग टूटने की घटना हो रही है। कई बार नवलगढ़ पुलिया के फोरलेन होने की घोषणा हुई। लेकिन बजट नहीं मिलने के कारण काम अटका हुआ है। इस पुलिया के निर्माण के समय भी कई तकनीकी खामी सामने आई थी।पुलिया के काफी संकरी होने और लगातार यातायात का दवाब बढऩे के कारण रैलिंग टूटने की घटना हो रही है। कई बार नवलगढ़ पुलिया के फोरलेन होने की घोषणा हुई। लेकिन बजट नहीं मिलने के कारण काम अटका हुआ है। इस पुलिया के निर्माण के समय भी कई तकनीकी खामी सामने आई थी।पुलिया के काफी संकरी होने और लगातार यातायात का दवाब बढऩे के कारण रैलिंग टूटने की घटना हो रही है। कई बार नवलगढ़ पुलिया के फोरलेन होने की घोषणा हुई। लेकिन बजट नहीं मिलने के कारण काम अटका हुआ है। इस पुलिया के निर्माण के समय भी कई तकनीकी खामी सामने आई थी।पुलिया के काफी संकरी होने और लगातार यातायात का दवाब बढऩे के कारण रैलिंग टूटने की घटना हो रही है। कई बार नवलगढ़ पुलिया के फोरलेन होने की घोषणा हुई। लेकिन बजट नहीं मिलने के कारण काम अटका हुआ है। इस पुलिया के निर्माण के समय भी कई तकनीकी खामी सामने आई थी।पुलिया के काफी संकरी होने और लगातार यातायात का दवाब बढऩे के कारण रैलिंग टूटने की घटना हो रही है। कई बार नवलगढ़ पुलिया के फोरलेन होने की घोषणा हुई। लेकिन बजट नहीं मिलने के कारण काम अटका हुआ है। इस पुलिया के निर्माण के समय भी कई तकनीकी खामी सामने आई थी।
...................
हर चुनाव में मुद्दा
नवलगढ़ रोड का मामला नगर निकाय, विधानसभा व लोकसभा के चुनाव में बड़ा मुद्दा बनता है। हर दल इसके फोरलेन की घोषणा भी करता है। लेकिन भाजपा व कांग्रेस दोनों दलों के नेता सिर्फ घोषणा तक ही सिमित है। दोनों सरकार के समय इसकी घोषणा हुई लेकिन बजट नहीं मिला।बजट नहीं मिलने के कारण काम अटका हुआ है। इस पुलिया के निर्माण के समय भी कई तकनीकी खामी सामने आई थी। पुलिया के काफी संकरी होने और लगातार यातायात का दवाब बढऩे के कारण रैलिंग टूटने की घटना हो रही है। कई बार नवलगढ़ पुलिया के फोरलेन होने की घोषणा हुई। लेकिन बजट नहीं मिलने के कारण काम अटका हुआ है। इस पुलिया के निर्माण के समय भी कई तकनीकी खामी सामने आई थी। पुलिया के काफी संकरी होने और लगातार यातायात का दवाब बढऩे के कारण रैलिंग टूटने की घटना हो रही है। कई बार नवलगढ़ पुलिया के फोरलेन होने की घोषणा हुई। लेकिन बजट नहीं मिलने के कारण काम अटका हुआ है। इस पुलिया के निर्माण के समय भी कई तकनीकी खामी सामने आई थी। पुलिया के काफी संकरी होने और लगातार यातायात का दवाब बढऩे के कारण रैलिंग टूटने की घटना हो रही है। कई बार नवलगढ़ पुलिया के फोरलेन होने की घोषणा हुई। लेकिन बजट नहीं मिलने के कारण काम अटका हुआ है। इस पुलिया के निर्माण के समय भी कई तकनीकी खामी सामने आई थी। ातार यातायात का दवाब बढऩे के कारण रैलिंग टूटने की घटना हो रही है। कई बार नवलगढ़ पुलिया के फोरलेन होने की घोषणा हुई। लेकिन बजट नहीं मिलने के कारण काम अटका हुआ है। इस पुलिया के निर्माण के समय भी कई तकनीकी खामी सामने आई थी।भी कई तकनीकी खामी सामने आई थी।पुलिया के काफी संकरी होने और लगातार यातायात का दवाब बढऩे के कारण रैलिंग टूटने की घटना हो रही है। कई बार नवलगढ़ पुलिया के फोरलेन होने की घोषणा हुई। लेकिन बजट नहीं मिलने के कारण काम अटका हुआ है। इस पुलिया के निर्माण के समय भी कई तकनीकी खामी सामने आई थी।

Published on:
08 Jul 2018 12:38 pm