सीकर

Rajasthan : बजरंग बली की जाति पर राजनीति गरमाने से पहले बना हनुमानजी का आधार कार्ड

Rajasthan Election 2018 : आधार कार्ड पर हनुमानजी के घर का पता वार्ड नम्बर छह पंचायत समिति के पास दांतारामगढ़ सीकर राजस्थान लिखा।
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Nov 30, 2018
rajasthan Election 2018
Hanuman ji ka Aadhar Card

सीकर.
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 (Rajasthan Election 2018) के लिए सात दिसम्बर को वोट डाले जाने हैं। भाजपा सत्ता में लौटेगी या फिर अबकी बार कांग्रेस सरकार। ये तो 11 दिसम्बर को वोटों की गिनती के बाद ही पता चलेगा, मगर मतदान से पहले राजस्थान की जनता को एक बात जरूर पता चल गई है और वो यह कि हनुमानजी दलित थे। बजरंग बली की जाति का यह दावा हम नहीं कर रहे बल्कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया है। इसमें कितनी हकीकत है और कितना फसाना। यह तो योगी ही जाने।

हम तो बस यह बताना चाहते हैं कि एक आधार कार्ड की मानें तो हनुमानजी राजस्थान के सीकर जिले के दांतारामगढ़ के वार्ड छह के रहने वाले थे। पहली बार जब यह आधार कार्ड ( Hanuman Ji Ka Aadhar card ) देखा तो हम भी चौंक गए थे। बाद में पता चला कि आधार कार्ड बनाने वालों की गलती से यह सब हुआ है। आधार कार्ड फर्जी है।

मामला करीब चार साल पुराना है। राजस्थान चुनाव 2018 में योगी के हनुमानजी को दलित बताए जाने वाले मामले की तरह हनुमानजी के आधार कार्ड वाला यह मामला भी उस समय सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ था। हुआ यह था कि 8 सितम्बर 2017 को सीकर के दांतारामगढ़ पोस्ट ऑफिस में एक लिफाफा पहुंचा। स्टाफ ने लिफाफा खोलकर देखा तो उसमें एक आधार कार्ड निकला।

2094-7051-9541 नम्बर के इस आधार कार्ड पर बजरंग बली की फोटो छपी थी। नाम-हनुमानजी व जन्मतिथि 01 जनवरी 1959 लिखी हुई थी। यही नहीं बल्कि आधार कार्ड के पीछे की तरफ हनुमानजी के पिता का नाम पवनजी, वार्ड 6, पंचायत समिति के पास, रामगढ़ सीकर, दांतारामगढ़ का पता भी लिखा हुआ था।


अंकित की जगह बना Hanuman Ji Ka Aadhar Card

हनुमानजी के आधार कार्ड के साथ-साथ पंजीयन क्रमांक व मोबाइल नम्बर भी थे। डाक स्टाफ ने उन मोबाइल नम्बर पर फोन किया तो पता चला कि वे नम्बर किसी अंकित नाम के युवक के हैं। अंकित ने उन्हें बताया कि दो साल पहले वह भी आधार कार्ड बनाने वाली कम्पनी में ही पर्यवेक्षक के पद पर काम करता था। अंकित ने खुद के आधार कार्ड के लिए आवेदन किया था। उसमें ये मोबाइल नम्बर दिए थे, मगर किसी वजह से अंकित का आधार नहीं बन पाया था।

CM योगी ने बताया दलित

सीएम योगी आदित्यनाथ मंगलवार शाम को राजस्थान के अलवर जिले के मालाखेड़ा के चुनावी सभा को सम्बोधित कर रहे थे। तब योगी ने कहा था कि बजरंगजी ऐसे लोक देवता हैं, जो स्वयं वनवासी हैं। गिरवासी हैं। दलित हैं। वंचित हैं। बजरंग बली को दलित बताने वाले इस बयान के बाद योगी कांग्रेस के निशाने पर आ गए थे। चुनाव आयोग ने भी योगी को नोटिस दिया।

मंत्री चौधरी के अनुसार आर्य

योगी के बाद भाजपा सरकार के ही केन्द्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री सत्यापल चौधरी ने बजरंगबली को आर्य बताया है। चौधरी ने गुरुवार को अलवर में कहा कि भगवान राम और हनुमान के युग में जाति नहीं बल्कि वर्ण व्यवस्था थी। हनुमानजी दलित नहीं आर्य थे।

ज्ञानदेव आहुजा ने घोटेवाला सांड कह डाला

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में सीएम योगी व सत्यपाल चौधरी के साथ ही ज्ञानदेव आहुजा ने भी हनुमानजी को लेकर विवादित दे डाला। भाजपा नेता ज्ञानदेव आहुजा का एक वीडियो गुरुवार से सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें आहुजा हनुमानजी को घोटेवाला सांड बता रहे हैं।

Updated on:
30 Nov 2018 07:40 pm
Published on:
30 Nov 2018 07:05 pm