सीकर

अगर ये काम नहीं किया तो मुसीबत में फंस सकते हैं गाड़ी वाले

चुनाव में गाड़ी नहीं भेजी तो होगा मुकदमा दर्ज
2 min read
Nov 27, 2018
sikar chunav news
अगर ये काम नहीं किया तो मुसीबत में फंस सकते हैं गाड़ी वाले



विधानसभा चुनावों को लेकर सख्त हुआ निर्वाचन विभाग
सीकर. ये सूचना वाहन चालकों व वाहन मालिकों के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रशासन के आदेश की पालना नहीं की तो उनके लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। विधानसभा चुनाव में प्रशासन द्वारा अधिग्रहित की गई गाडिय़ों के चुनाव में नहीं पहुंचने पर उनके मालिकों के खिलाफ प्रशासन मुकदमा दर्ज करवाएगा।
प्रशासन को चुनाव के लिए सतर्कता दलों, ईवीएम तैयारी, प्रशिक्षण, निगरानी दलों व पुलिस बल के लिए करीब 80८ वाहनों की जरूरत है। इसमें जीप व लग्जरी कारों के साथ साढ़े चार सौ बसें शामिल है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर परिवहन विभाग द्वारा अस्सी फीसदी वाहन अधिग्रहित कर दिए। साथ ही चालक व वाहन मालिक को निर्धारित दिवस पर परिवहन विभाग पहुंचने के लिए पाबंद किया जा रहा है। अधिग्रहण के बावजूद कोई वाहन मय चालक के चुनाव कार्य के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया, तो संबंधित वाहन संचालक के विरुद्ध राजकार्य में बाधा डालने व लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 167 के तहत अपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाएगा। इसके तहत एक वर्ष तक कारावास का प्रावधान है। परिवहन विभाग द्वारा सभी अधिग्रहित वाहन निर्धारित दिवस को उपलब्ध करवाने के लिए आदेश जारी किया गया है। परिवहन विभाग ने इस बार चुनाव में कई लग्जरी गाडिय़ों को अधिग्रहण किया जिससे मतदान दलों व पर्यवेक्षकों को समय पर पहुंचने में कोई परेशानी नहीं हो। वहीं बड़ी गाडिय़ों में अच्छी कंडीशन वाली बस व मिनी बसों का ही चयन किया गया है। गाडिय़ों के चालक को मतदान केन्द्र पर पहुंचने से पूर्व आवश्यक दिशा निर्देश देने के साथ ही समय तय किया गया है। निर्धारित समय पर सभी गाडिय़ों को पहुंचना होगा। मनमर्जी से विलम्ब होने या लापरवाही करने पर गाड़ी का परमिट व चालक का लाइसेंस निरस्त के साथ ही उसके विरुद्ध करवाई की जाएगी।
स्वेच्छा से लगा सकते हैं वाहन
इस चुनाव में कोई भी व्यक्ति स्वेच्छा से वाहन को चुनाव में लगा सकते हैं। इसके लिए परिवहन उप निरीक्षकों से संपर्क कर सकते हैं। किराए में बढ़ोतरी के कारण वाहन चालकों का भी इस बार ज्यादा रुझान है। सीकर जिले में ४३२ बस, १०२ मिनी बस, २० क्रूजर जीप, सेक्टर मजिस्टे्रट के लिए २२२, एरिया मजिस्टे्रट के लिए २६ वाहन अधिग्रहित किए जाएंगे।
किराया बढ़ाया, खाते में आएगा भुगतान
विधानसभा चुनावी कार्य के लिए अधिग्रहित वाहनों का पेट्रोल- डीजल सरकारी रहेगा, जबकि किराए का भुगतान अलग से चालक/ संचालक के बैंक खाते में किया जाएगा। स्टेट केरिज बस 1850, मिनी बस 1100, टैक्सी 900, टैक्सी डिजायर, ईटीओस 1100, टैक्सी इनोवा 1350, मैक्सी केब, बोलेरो, कमांडर, जीप 1100 किराया देय है। चुनावी कार्य के लिए वाहनो का किराया चुनाव आयोग ने गत वर्षो की अपेक्षा 10 फीसदी वृद्धि की।

Published on:
27 Nov 2018 06:12 pm