सीकर शहर के एक सीए को साइबर ठगों ने महिलाओं को अश्लील मैसेज भेजने व बैंक खाते से गैरकानूनी ट्रांजेक्शन करने की धमकी देकर 24 दिन डिजीटल अरेस्ट रखकर 1.03 करोड़ रुपए ठग लिए। साइबर ठगों ने कहा कि उनके मोबाइल नंबर से महिलाओं को अश्लील और गैरकानूनी मैसेज भेजे जा रहे हैं और बैंक खाते से गैरकानूनी ट्रांजेक्शन करने की बात कहकर यह ठगी की है। परिवादी ने रिश्तेदारों व जानकारों से करीब 35 लाख रुपए उधार लेकर भी ठगों को आरटीजीएस किए हैं। सीकर जिले में किसी को डिजीटल अरेस्ट रखकर एक करोड़ रुपए से अधिक राशि की ठगी करने का पहला मामला है। मामले की जांच आरपीएस जीवनलाल खत्री कर रहे हैं।
सीकर. सीकर शहर के एक सीए को साइबर ठगों ने महिलाओं को अश्लील मैसेज भेजने व बैंक खाते से गैरकानूनी ट्रांजेक्शन करने की धमकी देकर 24 दिन डिजीटल अरेस्ट रखकर 1.03 करोड़ रुपए ठग लिए। साइबर ठगों ने कहा कि उसके मोबाइल नंबर से महिलाओं को अश्लील और गैरकानूनी मैसेज भेजे जा रहे हैं और बैंक खाते से गैरकानूनी ट्रांजेक्शन करने की बात कहकर यह ठगी की। सीकर जिले में किसी को डिजीटल अरेस्ट रखकर एक करोड़ रुपए से अधिक राशि की ठगी करने का पहला मामला है।मामले की जांच आरपीएस जीवनलाल खत्री कर रहे हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में डिजीटल अरेस्ट रखकर लोगाें से साइबर ठगी के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। गत वर्ष जोधपुर की एक चिकित्सक को भी साइबर ठगों ने डिजीटल अरेस्ट रखकर लाखों रुपए ठगे थे।
साइबर पुलिस थाना के थानाधिकारी आरपीएस जीवनलाल खत्री ने बताया कि परिवादी हनुमान सिंह (72) निवासी टैगाेर स्कूल के पास नवलगढ़ राेड ने मामला दर्ज करवाया है। उनका परिवार गुरुग्राम में रहता है, वे सीकर में अकेले ही रह रहे हैं। एफआइआर के अनुसार हनुमानसिंह के पास 1 अप्रैल को अनजान नंबरों से मोबाइल पर कॉल आया। तब वे अपने घर पर अकेले थे और उन्होंने फोन काट दिया। ठग वॉट्सएप पर वॉइस कॉल करके धमकी देने लगे। साइबर ठगों ने कहा कि तुम्हारे मोबाइल नंबर से महिलाओं को अश्लील और गैरकानूनी मैसेज भेजे जा रहे हैं। ठगों ने पीड़ित के कई बैंक अकाउंट से गैरकानूनी ट्रांजेक्शन करने की बात भी कही। पीड़ित काफी परेशान हो गए और मानसिक दबाव में आ गए। साइबर ठगों ने उन्हें 4 अप्रैल से लेकर 27 अप्रैल तक डिजिटल अरेस्ट रखा। उन्हें अन्य परिचितों व जानकारों से बात करने का अवसर ही नहीं दिया और लगातार वीडियो कॉल व ऑडियो कॉल पर बिजी रखकर उन्हें परेशान व व्यस्त रखा।
आरोपियों ने सीबीआइ, ईडी के अधिकारियों की वर्दी पहनकर वीडियो कॉल कर पूरे ऑफिस का सेटअप दिखाया और फर्जी एफआइआर में उनका नाम भी दिखाया। कार्रवाई का भय दिखाते हुए एफआइआर वापस लेने की बात कह 4 अप्रैल से लेकर 27 अप्रैल तक लगातार अलग-अलग खातों में 15 से अधिक बार ट्रांजेक्शन करवाकर रुपए ठग लिए।
पीड़ित ने बताया कि उसके पास रिटायरमेंट के रुपए भी थे। पीडित ने आर्मी में तैनात अधिकारी बेटे, रिश्तेदार व अन्य जानकारों से करीब 35 लाख रुपए उधार लेकर साइबर ठगों की ओर से दिए गए विभिन्न बैंक खातों मेआरटीजीएस किए।
सेबी तथा रिजर्व बैंक के स्मार्ट प्रशिक्षक मनोज धानिया ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट (DigitalArrest) एक साइबर धोखाधड़ी है। जिसमें स्कैमरपुलिस/सीबीआई बनकर वीडियो कॉल पर डराते हैं। ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं, तुरंत वीडियो कॉल काट दें, फोन बंद कर दें और 1930 पर कॉल करके या साइबर क्राइम पोर्टल पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। कॉल नहीं करें तो भी अपने परिवार के सदस्य व मित्रों को सारे घटनाक्रम के बारे में बताएं। कोई भी निजी जानकारी या रुपए साइबर ठगों के खातों में नहीं डालें।