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जिस स्कूल में पिता थे स्टूडेंट बेटा वहीं बन गया टीचर, राजस्थान का ये सरकारी विद्यालय प्राइवेट को भी दे रहा मात

Motivational Story: सीकर जिले का एक सरकारी स्कूल अपनी बदली हुई तस्वीर और शानदार परिणामों से चर्चा में है। जहां कभी मूलभूत सुविधाओं की कमी थी, आज वही स्कूल आधुनिक संसाधनों के साथ प्राइवेट स्कूलों को टक्कर दे रहा है।

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सीकर

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Akshita Deora

May 05, 2026

Sikar School

पिता के साथ शिक्षक अजय शेखावत और स्कूल का फोटो: पत्रिका

Government School With Modern Facility: सीकर जिले के एक सरकारी स्कूल ने अपनी बदली हुई तस्वीर से हर किसी को चौंका दिया है। आधुनिक सुविधाओं और शानदार परिणामों के चलते ये स्कूल अब कई प्राइवेट स्कूलों को भी टक्कर दे रहा है। शिक्षकों और भामाशाहों के सहयोग से विकसित इस विद्यालय की हर तरफ सराहना हो रही है।

पिता जहां विद्यार्थी बेटा वहीं बना शिक्षक

सीकर जिले के दातारामगढ़ क्षेत्र के गांव मैंई राजनपुरा स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय से एक खास भावनात्मक संयोग जुड़ा है। यहां कार्यरत शिक्षक अजय शेखावत के लिए यह स्कूल सिर्फ एक कार्यस्थल नहीं बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव भी रखता है, क्योंकि जिस स्कूल में वे आज शिक्षक हैं, वहां कभी उनके पिता विद्यार्थी रहे थे। इसी वजह से उनका इस स्कूल से विशेष लगाव है और वे इसे एक मंदिर के समान मानते हैं।

जर्जर स्कूल से बना मॉडल स्कूल

कभी ये विद्यालय जर्जर हालत में था जहां बच्चों के बैठने तक की व्यवस्था ठीक नहीं थी। लेकिन शिक्षकों और भामाशाहों ने महज कुछ महीनों में स्कूल की तस्वीर बदल दी। पुराने कमरों की मरम्मत कर उन्हें आधुनिक रूप दिया गया और रंग-रोगन करवाया। आज इस स्कूल में CCTV कैमरे, कंप्यूटर लैब, पंखे, लॉकर, ओपन जिम और पेयजल के लिए ट्यूबवेल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

साथ ही एक भव्य सांस्कृतिक मंच भी तैयार किया है जहां नियमित रूप से प्रार्थना सभा और कार्यक्रम आयोजित होते हैं। विद्यालय में पोषण वाटिका भी विकसित की गई है जहां उगाई गई सब्जियां बच्चों को दी जाती हैं।

शिक्षा के साथ दे रहे नवाचार पर जोर

विद्यालय में लंबे समय से बंद पड़ी स्काउट-गाइड गतिविधियों को फिर से शुरू किया गया है। बच्चों को व्यावहारिक शिक्षा देने के लिए अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इसके अलावा कक्षा 8, 10 और 12 के विद्यार्थियों के लिए एक्स्ट्रा क्लास भी चलाई जाती हैं साथ ही BSTC की निःशुल्क कोचिंग भी दी जा रही है।। विद्यालय में जरूरतमंद बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है जहां उन्हें स्टेशनरी, ड्रेस और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया जाता है। लाइब्रेरी को भी आधुनिक रूप दिया गया है जिससे बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ रही है।

100% परिणाम से बढ़ा भरोसा

इस सत्र में विद्यालय का परिणाम पूरे क्षेत्र में सबसे बेहतर रहा। कक्षा 10 और 12 के सभी विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। कक्षा 12 में एक छात्र ने 92.40% और कक्षा 10 में 88% से अधिक अंक प्राप्त किए। बेहतर परिणामों के चलते स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।