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Digital Arrest: सीकर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ का जाल, 24 दिन तक डराकर रिटायर्ड सीए से 1.03 करोड़ रुपए ठगे

Sikar Cyber Rraud Case: सीकर में साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग सीए को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 24 दिनों तक ठगी का शिकार बनाया। धमकी और फर्जी जांच के नाम पर उससे 1.03 करोड़ रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए।

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सीकर

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Rakesh Mishra

May 05, 2026

Sikar cyber fraud case

एआई तस्वीर

सीकर। सीकर शहर में एक चौंकाने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक सीए को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 24 दिनों तक डराकर 1.03 करोड़ रुपए ठग लिए गए। ठगों ने महिलाओं को अश्लील मैसेज भेजने और बैंक खातों से गैरकानूनी लेनदेन करने का आरोप लगाकर पीड़ित को भयभीत किया। जिले में इस तरह की एक करोड़ रुपए से अधिक की ठगी का यह पहला मामला बताया जा रहा है। मामले की जांच आरपीएस जीवनलाल खत्री कर रहे हैं।

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साइबर पुलिस थाना के थानाधिकारी आरपीएस जीवनलाल खत्री ने बताया कि परिवादी हनुमान सिंह (72) निवासी टैगोर स्कूल के पास, नवलगढ़ रोड ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उनका परिवार गुरुग्राम में रहता है, जबकि वे सीकर में अकेले रह रहे हैं। एफआईआर के अनुसार 1 अप्रेल को उनके पास अज्ञात नंबरों से कॉल आए, जिन्हें उन्होंने पहले नजरअंदाज कर दिया। इसके बाद ठगों ने व्हाट्सएप कॉल कर धमकियां देना शुरू कर दिया।

बैंक खातों से अवैध लेनदेन की धमकी

ठगों ने पीड़ित से कहा कि उनके मोबाइल नंबर से महिलाओं को अश्लील और गैरकानूनी संदेश भेजे जा रहे हैं। साथ ही उनके बैंक खातों से अवैध लेनदेन होने की बात कहकर उन्हें डराया गया। 4 अप्रेल से 27 अप्रेल तक उन्हें डिजिटल अरेस्ट की स्थिति में रखा गया और लगातार निगरानी में रखा गया।

अधिकारियों की वर्दी पहन करते वीडियो कॉल

आरोपियों ने खुद को सीबीआई और ईडी के अधिकारी बताते हुए वर्दी में वीडियो कॉल किए और फर्जी ऑफिस का सेटअप दिखाया। उन्होंने फर्जी एफआईआर में पीड़ित का नाम भी दिखाया। कार्रवाई का डर दिखाकर एफआईआर हटाने का झांसा दिया गया और इस दौरान 15 से अधिक बार अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए।

बेटे व रिश्तेदारों से उधार लिए 35 लाख

पीड़ित ने बताया कि उसके पास रिटायरमेंट की बचत राशि भी थी। इसके अलावा उसने आर्मी में तैनात अपने बेटे, रिश्तेदारों और परिचितों से करीब 35 लाख रुपए उधार लेकर ठगों के बताए खातों में आरटीजीएस के जरिए जमा करवा दिए। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। DSP जीवनलाल खत्री ने बताया- बुजुर्ग हनुमान सिंह को आरोपियों ने जिन नंबरों से वॉट्सएप पर वीडियो कॉल करके पूरी वारदात को अंजाम दिया। अब उन नंबरों के आधार पर पुलिस मामले में आरोपियों की तलाश कर रही है।