Ashok Gehlot Cabinet : मंत्रिमंडल के गठन को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट दिल्ली में डाले हुए हैं।
सीकर. राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 के बाद अब गहलोत सरकार एक्शन में है। सूबे में आईएएस-आईपीएस अफसरों को इधर-उधर किया जा चुका है। चुनावी घोषणा पत्र का वादा निभाते हुए राजस्थान के किसानों का दो लाख रुपए तक का ऋण माफ कर दिया गया है। अब सारी सियासत मंत्रिमंडल के गठन को लेकर गर्मा रही है। राजस्थान के नए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट समेत कांग्रेस के कई दिग्गज नेता दिल्ली में डाले हुए हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मुख्यमंत्री गहलोत व उपमुख्यमंत्री पायलट की चर्चा के बाद राजस्थान के नए मंत्रिमंडल की घोषणा हो सकती है। इसी के साथ कांग्रेस के कई विधायकों ने मंत्री पद पाने के लिए आलाकमान के सामने लॉबिंग शुरू कर दी है। फिलहाल किसी विधायक का नाम मंत्री पद के लिए फाइनल नहीं हुआ है, मगर कुछ चेहरे ऐसे हैं जिनके मंत्री बनने की संभावना सबसे अधिक है। इनमें ज्यादातर वो विधायक हैं, जो गहलोत की पिछली सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।
गहलोत मंत्रिमंडल में शेखावाटी
बात अगर शेखावाटी के चूरू, झुंझुनूं और सीकर की करें तो यह अंचल कांग्रेस के लिए गढ़ रहा है। राजस्थान की प्रत्येक सरकार के मंत्रिमंडल में शेखावाटी को हर बार जगह मिली है। इस बार भी खेतड़ी विधायक डॉ जितेन्द्र सिंह, झुंझुनूं विधायक बृजेन्द्र ओला, सुजानगढ़ विधायक मास्टर भंवरलाल व तारानगर विधायक नरेन्द्र सिंह बुडानिया म़ंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। फिलहाल सीकर से किसी विधायक के मंत्री को लेकर नाम सामने नहीं आई है।
शेखावाटी ने कांग्रेस को दिए 15 विधायक
शेखावाटी के तीनों जिलों में विधानसभा की कुल 21 सीट हैं। चूरू में छह, झुंझुनूं में सात व सीकर में आठ सीट है। इनमें से कुल 15 विधायक कांग्रेस के हैं, जिनमें खेतड़ी से डॉ जितेन्द्र सिंह, पिलानी से जेपी चंदेलिया, झुंझुनूं से बृजेन्द्र ओला, नवलगढ़ से राजकुमार शर्मा, राजगढ़ से कृष्णा पूनिया, सरदारशहर से भंवरलाल, सुजानगढ़ से मास्टर भंवरलाल, तारानगर से नरेन्द्र बुडानिया, सीकर से राजेन्द्र पारीक, धोद से परसराम मोरदिया, दांतारामगढ़ से वीरेन्द्र सिंह, नीमकाथाना से सुरेश मोदी, श्रीमाधोपुर से दीपेन्द्र सिंह, लक्ष्मणगढ़ गोविन्द सिंह डोटासरा, फतेहपुर से हाकम अली जीतकर आए हैं।