सीकर जिले के दांतारामगढ़ कस्बे के रूलाणा गांव में एक बांग्लादेशी परिवार पिछले लंबे समय से बसर कर रहा था।
दांतारामगढ़. सीकर जिले के दांतारामगढ़ कस्बे के रूलाणा गांव में एक बांग्लादेशी परिवार पिछले लंबे समय से बसर कर रहा था। लेकिन, दांतारामगढ़ पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
इधर, जब अलवर में कुछ संदिग्ध बांग्लादेशी लोगों को पकड़ा तो उन लोगों ने बताया कि सीकर में भी एक परिवार बसा हुआ है। इसकी सूचना दांतारागढ़ पुलिस को दी गई।
जांच की तो पता चला कि एक संदिग्ध परिवार पिछले पांच-छह महीनों से यहां रह रहा है। जो कि, रूलाणा गांव के ईंट-भट्टों पर मजदूरी करता है।
दांतारामगढ़ पुलिस ने ईंट-भट्टों पर मजदूरी कर रहे संदिग्ध परिवार के अफराजुल व उसकी पत्नी शाहीना को गिरफ्तार कर उपखंड मजिस्ट्रेट के यहां पेश किया।
जहां से अफराजुल को जेल भेज दिया गया और उसकी बेगम को नारी निकेतन में भिजवा दिया गया है। दंपती के दो बेटियां भी है, जिनको भी मां के साथ भिजवाना बताया जा रहा है।
दांतारामगढ़ थानाप्रभारी के अनुसार पकड़े गए दम्पति संदिग्ध हैं। वे कहां के हैं उनके दस्तावेजों के आधार पर उनकी शिनाख्त करवाई जा रही है। इनकी जानकारी गृह विभाग को भी भिजवाई गई है।
जांच के आदेश
अलवर से जानकारी मिलने पर दांतारामगढ़ से संदिग्ध दंपती परिवार को पकड़ा है। प्रथम दृष्टया परिवार बांग्लादेशी होना सामने आ रहा है। मामले में दांतारागमढ़ पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं।
डा. तेजपाल सिंह, एएसपी सीकर
दुष्कर्म आरोपित को जेल भेजा
सीकर. महिला पुलिस थाने ने दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे आरोपित इमरान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एसएचओ शब्बीर खान ने बताया कि इस्लामिया स्कूल के पास रहने वाला इमरान ने 2012 में एक महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। इसके बाद वह फरार होकर महाराष्ट्र चला गया था। वहां मजदूरी करने लगा और सीकर नहीं आया।
मुखबिर से सूचना मिली थी कि इमरान यहां आया हुआ है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और इमरान को गिरफ्तार कर थाने ले आई। जहां बुधवार को इमरान को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।